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Indore: नगर निगम वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया में हुई न्यायालय के आदेश की अवहेलना, दिया गया नोटिस

आरक्षण प्रक्रिया में निरस्त अधिसूचना को आधार मानते हुए OBC के वार्डो का आरक्षण किया गया. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का आरक्षण नहीं हुआ और रोटेशन प्रक्रिया नहीं अपनाई गई. यह एक तरह से उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेश की अवहेलना है.

Indore: इंदौर नगर निगम द्वारा वार्ड में आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है. इस प्रक्रिया पर उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयेश गुरनानी की याचिका पर निर्णय देते हुए यह कहा था कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वार्ड आरक्षण करते समय जिला प्रशासन को रोटेशन प्रक्रिया का पालन करना होगा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार सभी को इसी के अनुसार काम करना है. याचिका पर उच्च न्यायालय का आदेश अंतिम होकर सभी पर बंधनकारी है. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में आरक्षण की जो प्रक्रिया की गई उसमें न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया.

आरक्षण प्रक्रिया में निरस्त अधिसूचना को आधार मानते हुए OBC के वार्डो का आरक्षण किया गया. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का आरक्षण नहीं हुआ और रोटेशन प्रक्रिया नहीं अपनाई गई. यह एक तरह से उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेश की अवहेलना है.

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इसको देखते हुए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयेश गुरनानी ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में इंदौर जिला प्रशासन के अतिरिक्त कलेक्टर अभय बेडेकर को उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का नोटिस अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल के माध्यम से दिया है.

जयेश गुरनानी का कहना है कि मामले में निर्वाचन आयोग को बता दिया गया है. जल्द ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वार्ड सहित रोटेशन प्रक्रिया के तहत आरक्षण कराने और आज हुई कार्रवाई को निरस्त करने की याचिका न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी.