देशमध्य प्रदेश

सबका ध्यान रखा खुद का नहीं रख सके

सुदामा नगर के राजेश शर्मा आदित्य नर्सिंग होम से जुड़े थे। रोज अस्पताल जाते थे, काम तो अस्पताल के लेखा-जोखा का था, लेकिन अस्पताल में आने वाले मरीजों की चिंता भी करते थे। मरीजों के परिजनों को भरोसा दिलाते थे कि सब अच्छा होगा।

चार दिन पहले गले में कुछ खराबी महसूस हुई। डॉक्टर को दिखाया। कफ ज्यादा होने से बुधवार सुबह आदित्य नर्सिंग होम में भर्ती हो गए। उसी दिन रात को ज्यादा तकलीफ होने से सिनर्जी अस्पताल ले जाए गए। कोरोना जांच हुई और गुरुवार को दोपहर पॉजिटिव रिपोर्ट आई। उसी दिन शाम चार बजे अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया। गुरुवार रात तक उनकी तबीयत ठीक थी। मामा समाजसेवी पुरुषोत्तम शर्मा से कहा कि मैं ठीक हूं। इसके बाद बोले कि कल सुबह आपसे बात करता हूं। कल सुबह सांस लेने में परेशानी हुई।

अचानक तबीयत बिगडऩे लगी और दोपहर एक बजे मौत की खबर आ गई। उनके बेटे सन्नी उर्फ रजत ने अंतिम संस्कार किया। तब तक घर पर किसी को खबर नहीं थी। घर जाकर सन्नी ने दादी, मां और पत्नी को बताया, तो कोहराम मच गया। रिश्तेदारों को खबर की। राजेश की मां भगवंती और पत्नी आशा शर्मा का बुरा हाल हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने राजेश की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण घर के बाकी सदस्यों की जांच भी कराई थी। मां, पत्नी, बहू प्रिया और बेटी आशी शर्मा की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। पूरा घर सन्नाटे में है। रिश्तेदारों ने जैसे-तैसे मोबाइल से बात कर सबको समझाया।

परिवार के सदस्यों को कल होम क्वारंटीन करने के लिए कहा था, लेकिन आज सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अरबिंदो अस्पताल में भर्ती करा दिया। रिश्तेदारों की मदद करने वाले राजेश का व्यवहार इतना अच्छा था कि वे सबके प्रिय थे। परिवार में पिता नहीं होने के कारण सामाजिक जिम्मेदारी भी वो ही निभाते थे। किसी को भी उनके इस तरह चले जाने की बात गले नहीं उतर रही।