सेना की मुस्तैदी से घटी घुसपैठ की घटनाएं, पत्थरबाजी के 190 मामले दर्ज

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा सीमा रख जा रही पैनी निगाह के चलते आतंकियों की घुसपैठ में भारी कमी आई है। इस साल अक्टूबर महिने तक सिर्फ 59 संदिग्ध घुसपैठ के मामले ही सामने आए हैं। साथ ही पत्थरबाजी की भी घटनाओं में कमी आई है। जिसके चलते साल 2019 में अक्टूबर माह तक पत्थरबाजी की कुल 544 घटनाएं दर्ज हुई हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो पांच अगस्त के बाद से आठ दिसंबर तक 190 पत्थरबाजी के मामले सामने आए हैं। जबकि साल करीब 802 पथरबाजी के की घटनाएं दर्ज की गई थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाक बैट टीम की एलओसी पर अब भी सक्रिय है। साल 2013 में बैट टीम ने पुंछ के मेंढर में एलओसी पर भारतीय सेना के जवान हेमराज का सिर काट लिया था। इसके बाद से बैट राजोरी और पुंछ जिलों की एलओसी पर सक्रियता बनलाए हुए है।

खबरों के मुताबिक सर्दी का मौसम आते ही पाक बैट अधिक सक्रिय हो जाती है और घने कोहरे के बीच हमला करती है। ऐसे ही कई हमलों की प्लानिंग बैट टीम कर रही है। बताया जा रहा है कि बैट टीम साल 2013 की घटना को एक बाद फिर अंजाम देने की फिराक में हैं। पुंछ जिले में बैट के हमला कर सकती है। क्योंकि दो बार बैट इस तरह की घटना को अंजाम दे चुकी है।

हालांकि सीमा पर इसको देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट् के मुताबिक आगामी दिनों में पुंछ जिले की एलओसी के बलनोई नाले पर फिर से बैट हमला हो सकता है।