संसद के शीतकालीन सत्र में हंगामे के आसार, मोदी सरकार ने भी कसी कमर

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sansad

नई दिल्ली। 18 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, जो 13 दिसंबर तक चलेगा। इस बार का शीतकालीन सत्र हंगामेदार हो सकता है। सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान नजरबंद जम्मू के नेताओं का मुद्दा, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी और सरकारी संस्थाओं को निजी हाथों में देेने के मामले में विपक्ष सरकार को घेर सकता है। वहीं केंद्र सरकार गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के उद्देश्य से नागरिकता संशोधन विधेयक समेत 27 अहम बिल पेश करेगी। पिछले कार्यकाल में भी नागरिकता विधेयक को संसद में पेश किया था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका जोरदार विरोध किया था।

सत्र के दौरान सरकार की कोशिश है इस बार संसद के दोनों सदनों में इन बलों पर चर्चा हो और उसके बाद इन्हें जल्द से पास कराया जा सके है। इस बार सिटीजन अमेंडमेंट बिला और प्राइवेट डाटा प्रोटेक्शन बिल जैसे अहम बिलों को जल्द से जल्द पास कराया जाए। हालांकि इनके अलावा और भी बिल है, जिन्हें सरकार पास करवाना चाहती है। इनमें चिटफंड (संशोधन) विधेयक 2019, टैक्सेशन ला अमेंडमेंट बिल 2019 (रिप्लेस आर्डिनेंस), इलेक्ट्रानिक सिगरेट पर पाबंदी संबंधी बिल (रिप्लेस आर्डिंनेंस), इंसाल्वेंस एंड बैंकरप्सी (सेकंड अमेंडमेंट बिल 2019), मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी अमेंडमेंट बिल, नेशनल पुलिस युनिवर्सिटी बिल, सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल, नेशनल रिवर गंगा बिल, पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल 2019 सहित अन्य बिल खास रहेंगे।

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