नया साल कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। बता दें कि हाल ही में कर्मचारियों के वेतन को लेकर निर्देश दिए गए हैं। उसके बाद आने वाले समय में वेतन में वृद्धि हो सकती है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा वेतन वृद्धि को लेकर एक कमेटी के गठन के निर्देश दिए हैं। वहीं इस आदेश के बाद अब कम से कम 2 न्यायाधीशों की अध्यक्षता वाली समिति का गठन किया जाएगा।

बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद गठित होने वाली इस कमेटी में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त सचिव विधि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्रार न्यायिक के 2 प्रतिनिधि कमेटी के सदस्य होंगे। वहीं इस मामले में न्यायाधीश संदीप शर्मा-तरलोक सिंह चौहान द्वारा 10 मई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि यह याचिका प्रदेश हाईकोर्ट के कर्मचारी एसोसिएशन की तरफ से दायर की गई थी। बता दें कि याचिका के बाद इस पर सुनवाई की गई और स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश कोर्ट कर्मचारी एसोसिएशन द्वारा भी हरियाणा और पंजाब हाई कोर्ट की तर्ज पर वेतन को लेकर अपनी आवाज उठाई गई थी।

Also Read: इस कंपनी ने कर्मचारियों को दिया बंपर बोनस, खाते में आएगी 50 महीने की सैलरी

गौरतलब है कि साल 2006 से ही 20% बेदर्दी को लेकर मांग उठाई गई थी। इसमें जानकारी साझा करते हुए बताया गया था कि हरियाणा और पंजाब हाई कोर्ट में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारियों को केंद्र सरकार के द्वारा 20% अधिक वेतन वृद्धि का मिल रहा है इतने नहीं सोया अभी जानकारी साझा की गई थी कि यहां लाभ सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर दिया जा रहा है।

बता दे की तर्ज पर ही अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट एसोसिएशन ने भी 20% अधिक वेतन वृद्धि को लेकर अपनी मांग उठाई है। इसको लेकर हाईकोर्ट के समक्ष 11 अप्रैल 2012 को प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया था। जिसे 3 जजों वाली कमेटी के सामने प्रस्तुत किया गया था। वहीं इस वेतन वृद्धि की मांग को देखते हुए। इस आदेश को 28 अप्रैल 2012 को ही राज्य सरकार के संज्ञान में भी दे दिया गया था। हालांकि अभी तक इस को लेकर कोई भी निर्णय नहीं आ पाया है ना ही सरकार द्वारा को लेकर कोई कठोर कदम उठाया गया है। ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश के बाद न्यायाधीशों की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा जिसके बाद एक बार फिर इस मामले को लेकर विचार किया जाएगा।