संजय राउत के केस में डिप्टी सीएम देवेंद्र सहित इन बीजेपी नेताओं ने दी तीखी प्रतिक्रया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना संसद संजय राउत केस के मामले में चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने बीते सोमवार को कहा कि, केंद्रीय जांच एजेंसियों ने एक व्यक्ति के खिलाफ तब कार्रवाई की, जब उनके पास दस्तावेजी सबूत थे।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना संसद संजय राउत केस के मामले में चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने बीते सोमवार को कहा कि, केंद्रीय जांच एजेंसियों ने एक व्यक्ति के खिलाफ तब कार्रवाई की, जब उनके पास दस्तावेजी सबूत थे। डिप्टी सीएम का मानना है कि, प्रवर्तन निदेशालय ने शिवसेना सांसद संजय राउत की गिरफ्तारी जब की तब उनके पास सबूतों मिले। लेकिन गिरफ्तारी पर विस्तार से बात नहीं की। मैं इस मामले में अधिक बात नहीं कर सकता। यह मामला कोर्ट में लड़ा जाएगा। इसके साथ कई बीजेपी नेताओं ने बयान दिए।

ये बोले- डिप्टी सीएम फडणवीस

उन्होंने कहा कि, संसद संजय को तर्कों और सबूतों के आधार पर ईडी ने गिरफ्तार किया है। अगर उनके पास से कोई सबूत नहीं मिलते तो उन पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होती। “मैं यह मानना ​​​​चाहता हूं कि जब कोई केंद्रीय एजेंसी कोई कार्रवाई करती है, तो उसके पास कुछ सबूत होते हैं। मामला अदालत में लड़ा जाएगा और अदालत इसका फैसला करेगी। मैं इस मामले में अधिक टिप्पणी नहीं कर सकता।”

बीजेपी विधायक सुधीर ने दी तीखी प्रतिक्रिया

हालांकि, भाजपा के एक अन्य नेता और विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “आप अपने कृत्यों की कीमत चुकाते हैं। यदि हम पिछले कई वर्षों में संजय राउत के आचरण को देखें, तो हम देख सकते हैं कि उन्होंने अपनी छवि लोगों का ध्यान खींचने वाली बना ली। वह एक व्यक्ति नहीं बल्कि पार्टी की तरह बन गए थे और व्यवहार कर रहे थे।”

Also Read : भाजपा को भूलिए ! मुसलमानों की ज़रूरत किसी भी दल को नहीं ?

“हर दिन वह अपने प्रतिद्वंद्वियों या व्यक्तियों पर सबसे अपमानजनक शब्दों में प्रहार करने के लिए एक एजेंडा निर्धारित करते थे। गालियों का ढेर लगाने के लिए अपने समय को अधिकतम करने की कला में उन्हें महारत हासिल थी। 40 सेकेंड में 40 गालियां। मुनगंटीवार ने कहा कि जिस तरह से उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला किया था, वह सबसे भयावह था।”

बीजेपी नेता ने कहा कि “पीएम एक निर्वाचित नेता हैं. वह 130 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले देश के मुखिया हैं। लेकिन राउत ने पीएम पर हमला करने और उन्हें गाली देने के लिए हर तरह के अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।’ “अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया है, तो उन्हें अपने कारनामे की व्याख्या करने की आवश्यकता है। हर कोई अपने कारनामों की कीमत चुकाता है।”