देश के कई राज्यों से मानसून वापस जा चुका है। उत्तर भारत में बारिश का सिलसिला खत्म हो चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश सहित भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है. केवल उत्तर पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है. पूरे देश में अक्तूबर 2022 के लिए मासिक वर्षा सामान्य से अधिक (दीर्घावधि औसत का 115%) होने का पूर्वानुमान है.

भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार

भोपाल के मौसम केंद्र के मुताबिक वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ला नीना की स्थिति प्रचलित है. नवीनतम एमएमसीएफएस (MMCFS) पूर्वानुमान इंगित करता है कि ला नीना की स्थिति वर्ष के अंत तक जारी रहने की संभावना है.अन्य जलवायु मॉडल भी आगामी ऋतु के दौरान ला नीना की स्थिति के जारी रहने का संकेत दे रहे हैं. वर्तमान में हिंद महासागर में नकारात्मक आईओडी स्थितियां प्रचलित हैं और नवीनतम एमएमसीएफएस (MMCFS) पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि नकारात्मक आईओडी की स्थिति वर्ष के अंत तक कमजोर होने की संभावना है.

मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के बारें में आशंका जताई है हालांकि चक्रवाती परिसंचरण के चक्रवात बनने की संभावना नहीं है। लेकिन मौसम प्रणाली पर इसका असर देखने को मिलेगा। देश के कई हिस्सों में जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में आज भी बारिश के आसार है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ जिलों में भारी बारिश को देखते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सात राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख सहित पर्वतीय राज्यों के पर्वतों पर बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है जबकि उत्तर भारत की तरफ से कैस्पियन सागर, ब्लैक सी-इरान से पाकिस्तान होते हुए उत्तरी हिस्से में ट्रफ रेखा उत्तरी हवा के चक्रवात को प्रभावित कर रही है। कुछ राज्य में गुलाबी ठंड की दस्तक जारी है।

अक्टूबर में कैसा होगा मौसम?

अक्टूबर के दौरान, एमपी के साथ देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है. केवल पूर्वोत्तर और उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर, जहां अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. केवल उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्सों को छोड़कर, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है.