सामरिक बिक्री प्रबंधन में कार्यकारी पाठ्यक्रम के पहले बैच का IIM इंदौर में हुआ समापन

उन्होंने प्रतिभागियों को सीखने और ज्ञान प्राप्त करने के लिए खुले रहने की सलाह दी। "खुले दिल और दिमाग से लोगों से संपर्क करें - तभी आप अपने क्षितिज का विस्तार करने और इस दुनिया के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने में सक्षम होंगे", उन्होंने कहा।

Indore: आईआईएम इंदौर के सामरिक बिक्री प्रबंधन में कार्यकारी पाठ्यक्रम (एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम इन स्ट्रेटेजिक सेल्स मैनेजमेंट – ईपीएसएसएम) का पहला बैच 20 मई, 2022 को संपन्न हुआ। समापन समारोह आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमाँशु राय की उपस्थिति में हुआ। प्रो. मनोज मोतियानी, कार्यक्रम समन्वयक, ईपीएसएसएम; प्रो सुबिन सुधीर, चेयर- कार्यकारी शिक्षा, आईआईएम इंदौर; और बालाजी वी.के., पाठ्यक्रम निदेशक-ईपीएसएसएम, और वाईस प्रेसिडेंट बी2सी सेल्स, जिगसौ अकादमी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

प्रो. हिमाँशु राय ने स्नातक बैच को बधाई दी और कहा कि यह दीक्षांत समारोह उनके लिए “गौरव का क्षण” अर्थात् ‘Crowning Glory’ है। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम प्रतिभागियों के जीवन में एक “क्राउन” जितना महत्व रखता है, जो कर्तव्यनिष्ठा (Consciences), आत्मनिरीक्षण एवं चिन्तन (Reflection), खुलेपन (Openness), बुद्धि (Wisdom) और सम्पर्क में विकास (Networking) की क्षमता को आत्मसात करेगा। उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे अपने समय प्रबंधन के कौशल को बढ़ाएं और भविष्य में भी अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखें, इससे उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों तरह से सफल होने में मदद मिलेगी। “एक क्षण का विराम लें और विचार करें कि इस पाठ्यक्रम से आपके जीवन में किस तरह का बदलाव आया है। अपने उद्देश्य को पहचानें और सफलता को फिर से परिभाषित करें। उन तरीकों का पता लगाएं जिनसे आप इस दुनिया में योगदान कर सकारात्मक प्रभावडाल सकते हैं”, उन्होंने कहा।

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उन्होंने प्रतिभागियों को सीखने और ज्ञान प्राप्त करने के लिए खुले रहने की सलाह दी। “खुले दिल और दिमाग से लोगों से संपर्क करें – तभी आप अपने क्षितिज का विस्तार करने और इस दुनिया के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने में सक्षम होंगे”, उन्होंने कहा। ज्ञान और नेटवर्किंग के अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने प्रतिभागियों को अपने जीवन की सभी स्थितियों को विनम्रता के साथ अपनाने कासुझाव दिया, क्योंकि यह उन्हें सीखने के लिए सक्षम, योग्य और ग्रहणशील बनाएगा। “बुद्धिमान बनें, विनम्र रहें और विभिन्न पृष्ठभूमि, संस्कृतियों और शिक्षा के लोगों के साथ नेटवर्क बनाएं। इस प्रकार आप समझ पाएँगे कि ज़िंदगी में सीखने के लिए और भी बहुत कुछ है”, उन्होंने कहा।

प्रो. मोतियानी और प्रो. सुधीर ने भी पहले बैच को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विशाल कार्य अनुभव और विविध पृष्ठभूमि से आने वालेबैच को पढ़ाना एक अद्भुत अनुभव था। उन्होंने बैच को पाठ्यक्रम से प्राप्त ज्ञान को लागू करने और अन्य को प्रदान करने और निरंतरसीखते रहने की सलाह दी। “अपने आप पर निवेश करें, आप प्रभावित न हों तो भी समस्याओं का समाधान खोजें, और सुनिश्चित करेंकि आप उन लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डालने में सक्षम हों जिनके बारे में आप चिंतित हैं”, उन्होंने कहा।

बालाजी ने प्रासंगिक पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए आईआईएम इंदौर संकाय सदस्यों की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम बैच के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा और वे अपने संगठनों में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम होंगे। “सीखना जारी रखें और अपनी प्रोफ़ाइल और अपने संगठनों, दोनों में योगदान दें”, उन्होंने कहा।

देश भर के विभिन्न संगठनों में प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत कुल 27 प्रतिभागियों ने इस अवसर पर अपना पाठ्यक्रम का पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया। ये दिल्ली, पुणे, नागपुर, मुंबई, कल्याण, औरंगाबाद, लखनऊ, बैंगलोर, कोलकाता, कोयंबटूर, अमरावती, काशीपुर, आदि सहित विभिन्न शहरों से हैं।