ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर बढ़ सकता है जीएसटी? सितंबर में सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला

सरकार ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर जीएसटी को लेकर बड़ा फैसला होने जा रहा है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं

सरकार ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर जीएसटी को लेकर बड़ा फैसला होने जा रहा है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सितंबर में होने वाली जीएसटी परिषद में सरकार ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने को मंजूरी दे सकती है। खबर यह भी है कि इन गतिविधियों पर टैक्स की समीक्षा के लिए गठित किए गए जीओएम ने अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट फाइनेंशियल एक्सप्रेस को सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक राज्य में जीएसटी ट्रिब्यूनल स्थापित करने पर सिफारिशें देने वाले एक अन्य जीओएम को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में अभी और अधिक समय लगेगा।कैसीनो, रेस कोर्स और ऑनलाइन गेमिंग पर मंत्रियों के पैनल ने 23 जुलाई को बेंगलुरु में विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए  और जुलाई 24 को गोवा में इंडस्ट्री का परिप्रेक्ष्य जानने के लिए बैठक की थी। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जीएसटी को लेकर जीओएम की अगली बैठक 15 अगस्त के बाद ही होगी। बता दें, जीओएम को सरकार ने फाइनल रिपोर्ट जमा करने के लिए 10 अगस्त तक का समय दिया है।

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बता दें, जीओएम अपनी पहली रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि ऑनलाइन गेमिंग जैसी गतिविधियों पर 28 फीसदी जीएसटी लगना चाहिए। इसके लिए जो भी राशि विक्रेता द्वारा ली जाती है, जैसे एंट्री और पार्टिसिपेशन फीस सभी शामिल किया जाना चाहिए। वहीं, मौजूदा समय में सरकार ऑनलाइन गेमिंग पर लगने वाली प्लेटफार्म फीस पर 18 फीसदी और कांटेस्ट एंट्री फीस पर 20 फीसदी जीएसटी वसूलती है।रिपोर्ट में कैसीनो को लेकर कहा कि खिलाड़ी की ओर से खेल शुरू करने से पहले जो कॉइन लिए जाते हैं, उन पर ही 28 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाना चाहिए। प्रत्येक राउंड में दांव पर लगाए गए मूल्य पर कोई और जीएसटी लागू नहीं होना चाहिए, जिसमें पिछले राउंड की जीत के साथ खेले गए दांव भी शामिल हैं। वहीं, अगर कैसीनो में कोई खिलाड़ी जीते हुए कॉइन से आगे दांव खेलता है, तो उस पर भी कोई जीएसटी नहीं लगाने की सिफारिश दी गई है।