पूर्व आर्मी चीफ का बड़ा खुलासा, कारगिल युद्ध में सभी देशों ने उठाया फायदा, बेचे पुराने हथियार

भारत ने दक्षिण अफ्रीका से डेनेल गन खरीदने की कोशिश की। पहले तो उन्होंने कहा कि वे हथियार देने के लिए तैयार हैं. लेकिन बाद में जब उनसे डिलीवरी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास नये हथियार नहीं हैं और वे भारत को पुराने हथियार ही सप्लाई करेंगे।

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VP Malik

नई दिल्ली: पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने कारगिल युद्ध को लेकर कई बड़े खुलासे किए है। चंडीगढ़ में आयोजित “मेक इन इंडिया एंड नेशन्स सिक्युरिटी” कार्यक्रम में जनरल मलिक ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान हमें पुराने हथियार और गोला-बारूद बेचे गए थे। पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने करगिल युद्ध के समय सेना की अगुवाई की थी और करगिल से पाकिस्तानी घुसपैठियों का सफाया किया था।

जनरल मलिक करगिल युद्ध के दौरान एक अहम सबक जो हमने सीखा वो ये था कि रक्षा के क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ और देश को आत्म निर्भर बनाना बहुत जरूरी है। वीपी मलिक ने कहा कि जबतक रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर नहीं बनते हैं, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में रहेगी।

एक वाकये को याद करते हुए पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि उस दौरान हमने जहां कहीं से भी हथियार या गोला बारूद खरीदने की कोशिश की, सभी कंपनियों ने चाहे वो हमारे मित्र देश के हों या फिर किसी और देश के उन्होंने हमारा फायदा उठाने की कोशिश की। भारत ने दक्षिण अफ्रीका से डेनेल गन खरीदने की कोशिश की। पहले तो उन्होंने कहा कि वे हथियार देने के लिए तैयार हैं. लेकिन बाद में जब उनसे डिलीवरी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास नये हथियार नहीं हैं और वे भारत को पुराने हथियार ही सप्लाई करेंगे।

एक और उदाहरण देते हुए उन्होंने कि हमारे पास गोला बारूद नहीं थे। हम एक जाने-पहचाने देश के पास गए, उन्होंने हमें जो गोला-बारूद दिया वे 70 के दशक के बने थे। हालांकि, उन्होंने उस देश का नाम बनाने से इनकार किया।

तीसरा वाकया बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें सैटेलाइट इमेज की जरूरत थी। सैटेलाइट इमेज के हर फ्रेम की कीमत 36 हजार रुपये थी। जब वो फ्रेम हमारे पास आए और उन्हें हमने देखा तो पता चला कि वो 3 साल पुराने थे और उसका हमारे लिए कोई इस्तेमाल नहीं था।

वीपी मलिक ने कहा कि इन वाकयों को देखते हुए करगिल युद्ध के तुरंत बाद मैने कहा था कि सेना को किसी भी हालत में विदेशी सैन्य मदद के सहारे नहीं रहना चाहिए। वीपी मलिक ने डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र के खिलाड़ियों को भी जगह देने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनियां आएंगी तो रक्षा क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।

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