Indore में फर्जी एडवाइजरी कंपनी का पर्दाफाश, गिरफ्त में गैंग

पुलिस द्वारा उक्त आरोपियों के कब्जे से नगदी 13 लाख रुपये, 25 एंड्राईड मोबाईल, 10 लेपटाप , 02 गाड़िया, प्लाट व फ्लेट्स के कागजात, ज्वेलरी, इम्पोर्टेड घडिया तथा 50 से ज्यादा क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड जप्त किये गये हैं। अभी तक इनके खातो से लगभग 05 करोड का ट्राजेक्शन होना पाया गया ।

Indore: इन्दौर शहर में लोगों के साथ आनलाईन फ्रॉड, एडवाईजरी कंपनी द्वारा धोखाघडी, सायबर फ्राड के अपराधों पर नियन्त्रण एवं अपराधो की पतारसी हेतु पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा इस प्रकार के अपराधो में संलिप्त संगठित गिरोह के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया गया है। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इन्दौर  मनीष कपूरिया द्वारा दिये गये निर्देशों के तारतम्य में पुलिस उप आयुक्त ज़ोन -01 अमित तोलानी, के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस उपाायुक्त जोन-01 जयवीर सिंह भदौरिया एवं सहायक पुलिस आयुक्त गाँधी नगर सौम्या जैन द्वारा दिये गये दिशा निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुए पुलिस थाना राऊ ने लोगों से निवेश के नाम पर करोड़ो रूपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।

दिनांक 15.04.2022 को आवेदक रायफल मैन सौरभ कुमार मिश्रा 19 वी आसाम रायफल अ कम्पनी ने एक हस्तलिखित शिकायत आवेदन थाने के ई – मेल के माध्यम से प्राप्त हुआ। आवेदन पत्र में उल्लेख किया गया था कि, दिनांक 10 फरवरी 2022 को आवेदक सौरभ कुमार के पास काव्या नाम की लडकी के मोबाईल नंबर 7415583307,8349066440 से फोन आया और उसने श्री दादाजी ट्रेडर्स निजी कंसलेट्स कंपनी में पैसे निवेश करने के बारे में बताया और अच्छा मुनाफा लेने के लिए कहा। इस पर दिनांक 11 फरवरी 2022 को आवेदक से खाता नंबर -50200063824980 , 921020034657425 व खाता नंबर 57720200001443 खाते में कुल 3,78,000 रुपये निवेश के नाम पर प्राप्त कर लिये तथा बाद में आवेदक द्वारा संपर्क करने पर फोन बंद कर लिया। आवेदक की शिकायत के आधार पर थाना राऊ पर अपराध क्रमांक 311/2022 धारा 420.409 120 बी .34.467.468 भादवि एवं धारा 6 म.प्र .निक्षेपको के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 का पंजीबध्द किया जाकर विवेचना में लिया गया ।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस थाना राऊ द्वारा तुरन्त कार्यावाही करते हुए प्रकरण में आरोपी 1. कैलाश पिता देवीदिन मोर्या उम्र 29 साल निवासी 22 बिजलपुर रोड इन्दौर, 2. कपित उर्फ रोहित हार्डिया पिता किशोर हार्डिया उम्र 20 साल निवासी ग्राम उमरिया जोबरा कालोनी किशनगंज इन्दौर, 3. दीपक पिता मुद्रिका प्रसाद तिवारी उम्र 26 साल निवासी ग्राम चौराहा थाना बैकुण्ठपुर जिला रीवा हाल मुकाम इन्द्रा बिल्डिंग 315 मयुर हास्पीटल के पीछे इन्दौर, 4. यज्ञदत्त शर्मा पिता मोहनलाल शर्मा उम्र 29 साल निवासी स्वास्तिक एवेन्यु प्लाट नंबर 02 फ्लेट नंबर 02 स्टेशन रोड राऊ जिला इन्दौर, 5. मुरली पिता सुदामा पाटनकर उम्र 31 साल निवासी सावगा थाना खेडी जिला बेतुल हाल मुकाम श्रीजी वाटिका वंदना नगर थाना तिलक नगर इन्दौर, 6. अनिल पिता स्व . हरदलाल सिंह यादव उम्र 43 साल निवासी ग्राम भगोरा थाना किशनगंज जिला इन्दौर, 7. अमित पिता विरेन्द्र जोशी उम्र 32 साल निवासी ग्राम भगोरा पंचायत चौराहा थाना किशनगंज जिला इन्दौर, 8. विनोद पिता स्व. त्रियोगी नारायण प्रसाद तिवारी उम्र 25 साल निवासी चौरहा थाना बैकुण्ठपुर जिला रीवा हाल मुकान इन्द्रा बिल्डिंग मयुर हास्पीटल की पीछे इन्दौर, 9 विशाल पिता उमेश जयसवाल उम्र 33 साल निवासी बरलाई रोड क्षिप्रा जिला इन्दौर, 10 प्रकाश पिता पूर्णानंद भट उम्र 31 साल निवासी एन -211 शुभागंन ओवेक्सी सिटी-01 इन्दौर को गिरफ्तार किया।

आरोपियो का धोखाधड़ी करने का तरीका – उक्त प्रकरण में अमित पिता मोहनलाल बरफा सबसे पहले मोबाईल नंबरो का डाटा गूगल एड से प्राप्त करता था उक्त डाटा को अमित, आरोपी पवन तिवारी को देता था, पवन तिवारी साफ्टवेयर के माध्यम से स डाटा को पूरी टीम को देता था और टीम कॉल कर ग्राहकों से एडवाईजरी कपनी में निवेश करने का लालच देकर उन्हे कंपनी में निवेश करवाते थे । प्रारम्भ मे ये लोग एक – दो बार छोटे-छोटे निवेश को कुछ मुनाफा देकर निवेशकों को वापस करते थे, इस लालच में आकर निवेशक बडी राशि एडवाईजरी कंपनी में निवेश करता था तब ये लोग उक्त राशि निवेशको को वापस नहीं करते थे एवं अपना मोबाईल फोन व सिम बंद कर लेते थे । उक्त आरोपियो द्वारा अभी तक लगभग 05 करोड रुपये से ज्यादा की राशि निवेशको से निवेश करवा कर उनसे धोखाघडी की गई है ।

प्रकरण में आरोपियो की भूमिका-

1. आरोपी कैलाश मोर्या, कपित हार्डिया एवं अनिल यादव, अपने व अपने परिचितों के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उसमें निवेशको से निवेश की राशि जमा करवाते थे ।
2. आरोपी यज्ञदत्त शर्मा, अमित जोशी ये उक्त सभी खातो को मैनेज कर उनसे धनराशि प्राप्त करते थे और उक्त खातें में से नेट बैंकिंग आदि के जरिये से ऑपरेट कर पैसे निकालते थे ।
3. मुरली पाटनकर, आरोपी यज्ञदत्त शर्मा से निवेश की राशि प्राप्त करता था तथा डिलेवरी बॉय मिहिर वल्डकप चौराहे पर स्थित साई पान वाले की दुकान से राशि प्राप्त कर राशि पूजा थापा व पवन तिवारी के पास पहुचाने का कार्य करता था ।
4. दीपक तिवारी , विनोद तिवारी , विशाल जयसवाला , प्रकाश भट्ट , दीपा उर्फ रानू ये सभी आरोपी उन्हें प्राप्त डाटा के व्यक्तियों को कॉल करके लोगो को एडवाईजरी में मुनाफा का लालच देकर पैसे निवेश करवाते थे । प्रारम्भ मे ये लोग एक-दो बार छोटे छोटे निवेश को फायदा पहुंचाकर निवेशकों को वापस करते थे। इस लालच में आकर निवेशक बड़ी राशि एडवाईजरी कंपनी में निवेश करता था, तब ये लोग उक्त राशि निवेशको को वापस नहीं करते थे एवं अपना मोबाईल फोन व सिम व अपने संपर्क सूत्र बंद कर लेते थे।
5. आरोपी अनुराग उक्त कंपनी में टीम लिडर का काम करता था । उसके द्वारा ही टीम के सदस्यो को गाईड किया जाता था तथा अधिक से अधिक राशि एडवाईजरी कंपनी में निवेश करवाने हेतु बताया जाता था ।
6. आरोपी दीपु चेलानी मोबाईल सीम की दुकान चलाता है, जब भी इसकी दुकान पर कोई ग्राहक सिम लेने आता था तब वह ग्राहक से सिम के लिए दो आईडी कार्ड ले लेता था और दोनो आईडी कार्ड पर दो सिम लेकर एक ग्राहर को दे देता था तथा दुसरी सिम आरोपी मुरली पाटनकर को दे देता था ।
8. आरोपी पवन तिवारी, तथा पूजा थापा दोनों एडवाईजरी कंपनी के प्रमुख है, थे जो पूरी कंपनी को संचालित करते थे।

पुलिस द्वारा उक्त आरोपियों के कब्जे से नगदी 13 लाख रुपये, 25 एंड्राईड मोबाईल, 10 लेपटाप , 02 गाड़िया, प्लाट व फ्लेट्स के कागजात, ज्वेलरी, इम्पोर्टेड घडिया तथा 50 से ज्यादा क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड जप्त किये गये हैं। अभी तक इनके खातो से लगभग 05 करोड का ट्राजेक्शन होना पाया गया । उक्त आरोपी अपनी लाईफ टाईल लग्जरी तरीके से जीते थे । उक्त आरोपियो द्वारा अपने नाम से कई बैंको मे खाता खोल रखा था जो निवेश के नाम पर फायदा पहुंचाने का लोगो को लालच देकर रुपये डलवा लेत थे और फिर अपना फोन बंद कर लेते थे ।

उक्त आरोपियो द्वारा कपनी के दिये गये टारगेटो को पुरा करने पर, कपंनी अपनी टीम के सदस्यो को इंसेटिव्ह के तौर पर कई बार गोवा, मनाली, खण्डाला मुम्बई जैसे अनेक शहरो मे विकली छुट्टी मनाने के लिए भेजा जाता था, जहां पर इनका लाखो का खर्चा कंपनी वहन करती थी ।

पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा उक्त आरोपियो के सभी खातो को पुलिस द्वारा फ्रीज करवा गया है। आरोपियों से प्रकरण में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

उक्त कार्यवाही में वरिष्ठ अधिकारियो के मार्ग दर्शन मे टीम द्वारा बडी मेहनत व लगन से कार्य करते हुए उक्त गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जिसमें थाना प्रभारी राऊ निरीक्षक नरेन्द्र सिंह रघुवंशी ,उनि कुवर सिंह बामनिया,उनि रामेश्वर बामनिया, ,सउनि रमेश किराडे,सउनि दारा सिंह मुजाल्दे,सउनि मनोहर सोलंकी,प्रआर.43 मुलायम, आर.1121 अक्षय बैरागी ,आर.3764 रामवीर ,आर.503 राजु रावत,आर.3701 निलेश पटेल,आर.3285 सुरेश लश्करी, अमित खत्री महिला आर. दिव्या,आर.2182 शीतल की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही ।