महाकाल नगरी के नाम से प्रसिद्ध उज्जैन में नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता को हटा दिया गया हैं। यह कार्यवाही बीते बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उस वक्त की जब वह प्रधानमंत्री के दौरे से पहले तैयारियों का निरक्षण करने गए थे। गुप्ता को यहा से हटाने के बाद मंत्रालय में उप सचिव के पदस्थ पर भेज दिया गया हैं।

हटाने के बाद मनाया जश्न

वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक तथा उज्जैन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार सोनी को नगर निगम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अंशुल गुप्ता को हटाए जाने के बाद उज्जैन नगर निगम के कर्मचारियों ने जश्न मनाया, पटाखे फोड़े और ढ़ोल बजवाया।

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मंदिरों में बड़ी-बड़ी लगाई स्क्रीन

प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को महाकाल दर्शन के बाद श्री महाकाल लोक का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियों में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। प्रदेशभर के छोटे-बड़े मंदिरों में 11 अक्टूबर को रोशनी होगी और लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी होगा। सभी प्रमुख मंदिरों में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिसके माध्यम से लोग इस कार्यक्रम को देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बुधवार को उज्जैन में तैयारियां देखीं थीं।

इस वजह से हटाया

इस दौरान उन्हें नगर निगम आयुक्त की कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर शिकायतें मिलीं थीं। इस आधार पर अंशुल गुप्ता को गुरुवार को हटा दिया गया। इसके पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ को हटा दिया था। वे वित्त सेवा के अधिकारी थे और उनको लेकर भी काफी समय से शिकायतें हो रही थीं। उनके स्थान पर इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त संदीप कुमार सोनी को प्रशासक बनाया था।