मुख्यमंत्री को 6 साल में फिर याद आई अपनी घोषणा पुलिस आयुक्त प्रणाली की

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भोपाल : नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा है कि हजारों बालिकाओं की अस्मत लुट गई, प्रदेश बलात्कार में नंबर-वन हो गया, अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 6 साल बाद भोपाल और इंदौर में पुलिस आयुक्त प्रणाली की घोषणा की याद आई। श्री सिंह ने मुख्यमंत्री से कहा कि पुलिस आयुक्त प्रणाली, फांसी का कानून, कोरी घोषणाओं से नहीं, इच्छाशक्ति से घटनाओं पर और तंत्र पर लगाम लगता है, जिसमें मुख्यमंत्री और उनका तंत्र पूरी तरह असफल है।

अजय सिंह ने कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2012 में मध्यप्रदेश में तेजी महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध पर चिंता जताई थी। उन्होंने फरवरी में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के जबाव में घोषणा की थी “भोपाल और इंदौर में 20 लाख से अधिक जनसंख्या को देखते हुए पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जाएगी।” इस घोषणा को पूरे 6 साल एक माह हो गया और अब मुख्यमंत्री फिर से इसी प्रणाली की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा जैसे फ्लोर पर जब मुख्यमंत्री अपनी ही घोषणा के प्रति गंभीर नहीं है तो इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि वे जनता के बीच जो घोषणा करते हैं उसके प्रति कितने गंभीर होंगे।

सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला अपराधों को लेकर भी कितने गंभीर हैं इससे भी इस बात पता चलता है। श्री सिंह ने कहा कि मौजूदा कानून का पालन करने में सरकार पूरी तरह असफल है। अपनी असफलता को छुपाने वह फिर नई चाल चलने में व्यस्त हो गई। श्री सिंह ने कहा कि निर्भयाकांड के बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने महिलाओं के सम्मान के लिए बने अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा कानून में बदलाव किया था। शिवराज सरकार ने आज तक प्रदेश में उन कानूनों को लागू करने के बजाए शिगुफेबाजी करने और सम्मान कराने में व्यस्त रही। उनकी उदासीनता के कारण आज प्रदेश में हर दिन महिलाओं के लिए भारी पड़ रहा है। वे घर सुरक्षित लौटेंगी इसकी गारंटी अब शिवराज सरकार में नहीं है।

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