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Indore: इंडेक्स नर्सिंग कॉलेज में उत्साह के साथ मनाया गया International Women’s Day
मालवांचल विश्वविद्यालय इंदौर के अंतर्गत इंडेक्स नर्सिंग कॉलेज द्वारा 8 मार्च 2022 की अंतरराष्ट्रीय विश्व महिला दिवस (International Women’s Day) बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया| कार्यक्रम का आयोजन
Indore: शहर के साथ-साथ गांवों में इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने की उठी मांग
इंदौर मध्य प्रदेश (Indore, Madhya pradesh) का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर है। इंदौर के आसपास देवास और पीथमपुर दो बड़े औद्योगिक शहर जुड़े हुए हैं। इंदौर (Indore) में ढेर सारे
Indore: अब बड़ी स्टील इंडस्ट्रीज भी कर सकती है निवेश, जल्द दिए जाएंगे आमंत्रण
Indore: केंद्रीय इस्पात मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते कल ग्लोबल फोरम फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के IRECIS कार्यक्रम में बोल रहे थे ।उन्होंने कहा इंदौर में निवेश की असीम और अनंत संभावनाएं
चुनावी लोकतंत्र का सफर, इस पतन का मुकाम कहाँ!
जयराम शुक्ल चुनाव मेरे लिए हमेशा से कौतूहल का विषय रहे हैं। मीडिया में आने के बाद तो समझिए किसी जश्न से कम नहीं। बिना मगजमारी के विषयवस्तु मिल जाता
खुलकर खेलो यार, कोई किसी को याद नहीं रखता, खुद की पहचान बनाएं
राजेश ज्वेल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (J.P Nadda) अपने सहज स्वभाव के कारण पार्टी दिग्गजों के साथ आम कार्यकर्ता को भी अभिभूत कर गए। पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक
एग्जिट पोल ही ‘परिणाम’ हैं तो 2024 के लिए भी मोदी को बधाई !
-श्रवण गर्ग यूपी के नतीजे किस करवट बैठने वाले हैं? अपनी विश्वसनीयता को लेकर हर चुनाव के दौरान विवादों में घिरे रहने वाले एग्जिट पोल ही अगर दस मार्च की
बड़ी स्टील इंडस्ट्रीज को इंदौर में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे
केंद्रीय इस्पात मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते (Faggan Singh Kulaste) कल ग्लोबल फोरम फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के IRECIS कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा इंदौर में निवेश की असीम और
हम पाखंडी जनम जनम के!
जयराम शुक्ल “लछमी देवी दर दर भटकें बेबस निर्धन चार टके को दुर्गा पर गुंडे लहटे हैंं निर्बल अबला जान समझ के। सरस्वती को दिया मजूरी डाट दपटकर बेलदार ने,
West Bengal : जवानों ने एक दूसरे पर चलाई गोली
कोलकाता: मंगलवार की सुबह पश्चिम बंगाल में दो लोगों द्वारा एक दूसरे पर गोली चलाने का मामला सामने आया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये दोनों बीएसएफ BSF के जवान
वामा साहित्य मंच के बैनर तले हुआ पुस्तक विमोचन
ज़ीवन चलने का नाम यात्राएँ अनवरत चलनी चाहिए। देश विदेश की छोटी छोटी बातों को किस्सों में ढालकर गागर में सागर भरने का प्रयास है यह पुस्तक। बड़ी ही अद्भुत
नारी शक्ति के महत्व को बता रही है शिक्षाविद डॉक्टर सविता राय
(महिला सशक्तीकरण पर्व) “नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नग पग तल में, पीयूष स्रोत सी बहा करो, जीवन के सुंदर समतल में..।” महिलाओं के सम्मान और उनके अतुलनीय
वक्त की पाबंदी हमेशा अच्छी होती है – आनंद शर्मा
वक्त की पाबंदी हमेशा अच्छी होती है , पर कभी कभी देरी के भी अपने फायदे हैं ।एक मियाँ-बीबी को कहीं जाना था , श्रीमती जी तैयार हो रहीं थीं
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: महिलाएं कर रहीं हर मैदान फतेह
(प्रवीण कक्कड़) महिलाएं अपने जीवन में अलग-अलग किरदार निभातीं हैं। इन किरदारों में अलग-अलग जिंदगी जीती हैं कई बार इन किरदारों को निभाने में अपना असली किरदार भूल जाती हैं।
सरकार! खजाना गेरूआ कामनाओं पर लुटाने के लिए नहीं है..! – महेश दीक्षित
महेश दीक्षित(Mahesh Dixit) जिस तरह से कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा(Pt. Pradeep Mishra सीहोर वाला) के रूद्राक्ष महोत्सव(Rudraksh Mahotsav) में अव्यवस्थाएं फैलने का ठीकरा सीहोर जिला प्रशासन और उसके जिम्मेदारों
यूक्रेन की ‘आपदा’ में भी ‘अवसर’ गँवा दिया विश्वगुरु ने !
श्रवण गर्ग ‘विश्वगुरु’ भारत को अगर यह गलतफहमी हो गई थी कि ह्यूस्टन (टेक्सास, अमेरिका) की रैली में ‘भक्तों’ से ‘अब की बार ट्रम्प सरकार’ का नारा लगवा देने भर
अलविदा सुरेश गंगवाल, ‘मैं बदलकर लिबास आता हूँ, जिंदगी इंतज़ार करो मेरा’- नरेन्द्र वेद नकुल पाटोदी
आगाह अपनी मौत से कोई बशर नही। सामान सौ बरस का और पल की ख़बर नहीं। यह शेर शायद शायर ने सुरेश गंगवाल बाबू साहब(Suresh Gangwal, Babusaheb) के लिए ही
यूपी चुनाव पर यूक्रेन इफेक्ट
जयराम शुक्ल रूस-यूक्रेन के युद्ध की सुर्खियों ने उत्तरप्रदेश के चुनाव की चर्चा को चंडूखाने में धकेल दिया। 7×24 मीडिया पर यूक्रेन की तबाही और उसके ऊपर चील्ह की भाँति
“मोहनखेड़ा” : पदमा राजेन्द्र
@पदमा राजेन्द्र जब बचपन झाबुआ जिले व झाबुआ में गुजरे व कई दफ़ा मोहनखेड़ा जाने का सुअवसर मिले तो उस स्थान से एक लगाव होना स्वाभाविक है। लगता है जैसे
परदे के पीछे वाले हमारे चौकसे जी
ब्रजेश राजपूत अभी 25 फरवरी को ही तो उन्होंने दैनिक भास्कर में अपना आखिरी कालम परदे के पीछे लिखा था और कहा था कि यह विदा है अलविदा नहीं कभी
हँसी का संक्रमण फैलाना अनिवार्य
आज की स्पर्धा युक्त जिंदगी में हास्य का स्थान सर्वोपरि है। अच्छा हास्य पाठक के मन को गुदगुदाता है, उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान लाता है। इसलिए हास्य का