more

भाई ने ये लकड़ी क्यों उठाई ….!

भाई ने ये लकड़ी क्यों उठाई ….!

By Shivani Rathore—March 2, 2022

 @प्रकाश भटनागर  सीहोर में रुद्राक्ष महोत्सव के रूद्र जाम को लेकर कैलाश विजयवर्गीय इतने क्रुद्ध क्यों हैं? इससे भी बड़ा सवाल यह कि विजयवर्गीय इस मसले पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

अलविदा चौकसे जी…आप फिल्मों के इनसाइक्लोपीडिया थे

अलविदा चौकसे जी…आप फिल्मों के इनसाइक्लोपीडिया थे

By Shivani Rathore—March 2, 2022

@ राजेश ज्वेल 2 जून 1988 को शोमैन राज कपूर ने एक माह के जीवन-मौत से संघर्ष बाद आधी रात को अंतिम सांस ली थी… तब मैं दैनिक भास्कर में

जयप्रकाश चौकसे अपनी अनूठी शख्सियत के लिए हमेशा याद आएंगे

जयप्रकाश चौकसे अपनी अनूठी शख्सियत के लिए हमेशा याद आएंगे

By Shivani Rathore—March 2, 2022

अर्जुन राठौर जयप्रकाश चोकसे हमारे बीच नहीं रहे वास्तव में बेहद दुखद खबर है और कुछ दिनों पहले ही दैनिक भास्कर में उनका स्तंभ पर्दे के पीछे इस असमर्थता के

और अंततः ‘खाकसार’ जिन्दगी का ‘हादसा’ रचकर खाक में जा मिला!

और अंततः ‘खाकसार’ जिन्दगी का ‘हादसा’ रचकर खाक में जा मिला!

By Suruchi Chirctey—March 2, 2022

जयराम शुक्ल कोई चार दिन पहले ही भास्कर में छपने वाले ‘परदे के पीछे में’ अपने स्तंभ को स्थगित करते हुए वादा किया था कि फिलहाल विदा ले रहे हैं

आखिर क्यों नहीं हुआ इंदौर के हजार साल पुराने मंदिर का विकास

आखिर क्यों नहीं हुआ इंदौर के हजार साल पुराने मंदिर का विकास

By Pinal Patidar—March 1, 2022

(राजेश राठौर) Indore News : इंदौर के लोग धार्मिक मामलों में कितने आगे है ये पूरा देश जानता है लेकिन इंदौर (Indore) के देवगुराड़िया (Devguradiya) स्थित हजार साल पुराने शिव

सुनी सुनाई : मप्र में सक्रियता बढाएंगे सिंधिया

सुनी सुनाई : मप्र में सक्रियता बढाएंगे सिंधिया

By Suruchi Chirctey—March 1, 2022

रवीन्द्र जैन मप्र में सक्रियता बढाएंगे सिंधिया – केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चार साल पहले मप्र के एक वरिष्ठ पत्रकार ने सलाह दी थी कि यदि उन्हें मप्र का

राजवाड़ा 2 रेसीडेंसी : उत्तर प्रदेश के चुनाव से मध्यप्रदेश का कोई संबंध नहीं है

राजवाड़ा 2 रेसीडेंसी : उत्तर प्रदेश के चुनाव से मध्यप्रदेश का कोई संबंध नहीं है

By Suruchi Chirctey—March 1, 2022

अरविंद तिवारी वैसे सीधे तौर पर तो उत्तर प्रदेश के चुनाव से मध्यप्रदेश का कोई संबंध नहीं है, लेकिन न जाने क्यों वहां के चुनावी नतीजों का मध्यप्रदेश भाजपा के

मध्यप्रदेश में मज़बूरी या जरूरी है शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश में मज़बूरी या जरूरी है शिवराज सिंह चौहान

By Ayushi Jain—February 28, 2022

राजेश राठौर पांव-पांव वाले शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) के बारे में 5 साल से कहा जा रहा है कि अब हटे लेकिन शिवराज ने इस बात को

यूक्रेन पर हमला: क्या यह ‘नाजीवाद’ और ‘नवनाजीवाद’ की लड़ाई है?

यूक्रेन पर हमला: क्या यह ‘नाजीवाद’ और ‘नवनाजीवाद’ की लड़ाई है?

By Mohit Devkar—February 28, 2022

अजय बोकिल आज जबकि हम दुनिया में दो महाशक्तियों के वर्चस्व की लड़ाई में एक और हंसते-खेलते देश यूक्रेन को बर्बाद होते देख रहे हैं तथा इस थोपे गए युद्ध

महेश्वर में “नर्मदा साहित्य मंथन” का आयोजन, 3 दिनों तक सजेंगी साहित्य के इन दिग्गजों की महफ़िल

महेश्वर में “नर्मदा साहित्य मंथन” का आयोजन, 3 दिनों तक सजेंगी साहित्य के इन दिग्गजों की महफ़िल

By Pirulal Kumbhkaar—February 27, 2022

साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश(Sahitya Akademi Madhya Pradesh) एवं विश्व संवाद केंद्र मालवा के संयुक्त तत्वावधान में माँ नर्मदा के तट पर बसी आध्यात्मिक एवं एतिहासिक नगरी महेश्वर में “नर्मदा साहित्य मंथन(Narmada

हफ्ते की छुट्टी का सच और उसके मायने

हफ्ते की छुट्टी का सच और उसके मायने

By Ayushi Jain—February 27, 2022

काम की छुट्टी को लेकर हिंदुस्तान में बरसों से बात चल रही है। आजादी के पहले तो ऐसा कोई कंफर्म सिस्टम नहीं था लेकिन बाद में अंग्रेजो के सौंपे हुए

क्या पुतिन और मोदी के सपने एक जैसे नहीं हैं ?

क्या पुतिन और मोदी के सपने एक जैसे नहीं हैं ?

By Ayushi Jain—February 27, 2022

श्रवण गर्ग यूक्रेन को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं और भाजपा के लिए यूपी के चुनावों के महत्व बीच कॉमन क्या तलाश किया जा सकता है?

नामचीन शायरों और कवियों की रचनाओं में कई निहितार्थ छुपे होते है – आनंद शर्मा

नामचीन शायरों और कवियों की रचनाओं में कई निहितार्थ छुपे होते है – आनंद शर्मा

By Mohit Devkar—February 27, 2022

आनंद शर्मा नामचीन शायरों और कवियों की रचनाओं में कई निहितार्थ छुपे होते है जो उन अर्थो से अलग होते है जो सामान्यतः हम कविता पढ़ कर जान पाते है

सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी

सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी

By Mohit Devkar—February 27, 2022

(प्रवीण कक्कड़) इस संसार में हर व्यक्ति कोई ना कोई मुकाम हासिल करना चाहता है। तरक्की करना चाहता है। जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है। यह मनुष्य की सहज प्रवृत्ति

Gangubai Kathiawadi Review: मां और शिक्षा का संगम है गंगूबाई काठियावाड़ी में

Gangubai Kathiawadi Review: मां और शिक्षा का संगम है गंगूबाई काठियावाड़ी में

By Pinal Patidar—February 26, 2022

पढ़िए नए अंदाज में अब फिल्म समीक्षा सिर्फ घमासान डॉट कॉम पर… (राजेश राठौर) Gangubai Kathiawadi Review : फिल्में बनती इसलिए है ताकि कलाकारों से लेकर मजदुर तक को काम

भाईचारे को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह में है महात्मा गांधी जैसी प्रतिबद्धता, हर काम में झलकती है गांधी जी की छवि

भाईचारे को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह में है महात्मा गांधी जैसी प्रतिबद्धता, हर काम में झलकती है गांधी जी की छवि

By Suruchi Chirctey—February 26, 2022

योगेन्द्र सिंह परिहार महात्मा गांधी जी का नाम ज़हन में आते ही उनके संघर्षकाल के जीवन की कई तस्वीरें सामने आने लगती हैं। सुबह जल्दी उठना, योग-व्यायाम करना, स्वच्छता बनाये

भारत की सुस्ती और यूक्रेन से सीधी विमान सेवा न होने के कारण फँस गए हज़ारों छात्र

भारत की सुस्ती और यूक्रेन से सीधी विमान सेवा न होने के कारण फँस गए हज़ारों छात्र

By Suruchi Chirctey—February 26, 2022

रविश कुमार यूक्रेन से अपने नागरिकों के निकलने की एडवाइज़री जारी करने में भारत ने काफी देर कर दी। 24 जनवरी को आस्ट्रेलिया ने और 11 फरवरी को 11 फरवरी

जयप्रकाश चौकसे : ‘परदे के बाहर’ आ जाने का स्वागत है !

जयप्रकाश चौकसे : ‘परदे के बाहर’ आ जाने का स्वागत है !

By Shivani Rathore—February 25, 2022

-श्रवण गर्ग जयप्रकाश चौकसे जी के व्यक्तित्व और उनकी उपस्थिति को ‘परदे के पीछे ‘ से इतर भी देखने वाले नज़दीकी मित्रों के लिए यह एक बड़ी और अच्छी खबर

कभी अलविदा न कहना

कभी अलविदा न कहना

By Suruchi Chirctey—February 25, 2022

जयराम शुक्ल यह मेरे जैसे न जाने कितने प्यासे पाठकों के लिए भावुक क्षण है। जयप्रकाश चौकसे जी का कालम ‘परदे के पीछे’ कल से पढ़ने को नहीं मिलेगा। दैनिक

माता-पिता : धरती के भगवान

माता-पिता : धरती के भगवान

By Suruchi Chirctey—February 25, 2022

बाज़ार में बड़ी आसानी से मिल जाता है सब कुछ,लेकिन न तो माँ जैसी जन्नत मिलती है न बाप जैसा साया। सच्चे ज्योतिषी दुनिया में बस दो ही हैं ,मन

PreviousNext