आर्टिकल

सरोज जी में वो जुनून अभी तक था .

सरोज जी में वो जुनून अभी तक था .

By Akanksha Jain—July 3, 2020

प्रसिद्ध लेखिका अचला नागर की कलम से 1950 मे बतौर background dancer अपना फिल्मी सफ़र आरंभ करने वाली सरोज खान अस्सी का दशक आते बतौर नृत्य निर्देशिका एक बड़ा हस्ताक्षर

भक्त और दरबारी की चकल्लस

भक्त और दरबारी की चकल्लस

By Mohit Devkar—July 1, 2020

एन के त्रिपाठी एक अपने सर्वोच्च नेता के भक्त और दूसरे अपनी पार्टी के सर्वोच्च परिवार के दरबारी आपसी चकल्लस में अपना समय पास कर रहे थे। दरबारी- तुम्हारे नेता

चीन पर ‘डिजीटल स्ट्राइक’ और हमारा ‘डिजीटल राष्ट्रवाद’

चीन पर ‘डिजीटल स्ट्राइक’ और हमारा ‘डिजीटल राष्ट्रवाद’

By Mohit Devkar—July 1, 2020

अजय बोकिल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रविवार को ‘मन की बात’ से साफ हो गया था कि लद्दाख में हमारी गलवान घाटी में घुसे चीन को सबक अब ‘राष्ट्रवादी तरीके’

आज के समय की मांग ऑनलाइन क्लासेस

आज के समय की मांग ऑनलाइन क्लासेस

By Mohit Devkar—July 1, 2020

अदिति सिंह भदौरिया। इस कठिन समय में जब हर कोई एक दूसरे का साथ देना चाहता है वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सच में अपने समय को हमारे

‘वो लोग’ तो याद करेंगे नहीं, चलो अपन ही नमन कर लें..!

‘वो लोग’ तो याद करेंगे नहीं, चलो अपन ही नमन कर लें..!

By Ayushi Jain—June 30, 2020

-जयराम शुक्ल तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने अखबारों के पहले पन्ने पर इश्तहार न दिए होते तो अपन भी इस परम विद्वान राजपुरुष को भूले ही हुए थे। यह

रंग – फ़ेयर एंड लवली :  इंसान में यह रंग बदरंग क्यों हो गया? रंग भेद कैसे आ गया?

रंग – फ़ेयर एंड लवली : इंसान में यह रंग बदरंग क्यों हो गया? रंग भेद कैसे आ गया?

By Mohit Devkar—June 30, 2020

 डॉ सुभाष खंडेलवाल रंग क्या है ? ये वही है, जो हमारा दिमाग आंखों से दिखलाता है। रंग कोई सा भी हो काला, सफेद, हरा, नीला, पीला सब एक से

क्या यह पी.वी. नरसिंहराव का ‘राजनीतिक पुनर्जन्म’ है?

क्या यह पी.वी. नरसिंहराव का ‘राजनीतिक पुनर्जन्म’ है?

By Ayushi Jain—June 30, 2020

अजय बोकिल देर से ही सही, इतिहास न्याय तो करता है। 28 जून को देश के प्रमुख अखबारों में जब पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी.नरसिंहराव की 99 वीं जयंती पर श्रद्धांजलि स्वरूप

गाली और गोली हमारी वैचारिक हार हैं

गाली और गोली हमारी वैचारिक हार हैं

By Mohit Devkar—June 30, 2020

अनिल त्रिवेदी मनुष्य अपने विचारों को अपना मौलिक गुण मानता हैं।मानवीय सभ्यता का विस्तार मनुष्य के अंतहीन विचार प्रवाहों से हुआ ऐसा माना जा सकता हैं।हांलाकि इस मान लेने पर

निशाने पर पीटीआई और कुछ संजीदा सवाल

निशाने पर पीटीआई और कुछ संजीदा सवाल

By Mohit Devkar—June 29, 2020

अजय बोकिल संयोग ही कहें कि तीन दिन पहले जब हम देश में आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतं‍त्र को कुचलने के खिलाफ लड़ी गई लड़ाई के तराने

कहो तो कह दूँ – ‘दरुओं’ के साथ इज्जत से पेश आना, हो सके तो उन्हें ‘कलारी’ तक भी छोड़ कर आना

कहो तो कह दूँ – ‘दरुओं’ के साथ इज्जत से पेश आना, हो सके तो उन्हें ‘कलारी’ तक भी छोड़ कर आना

By Mohit Devkar—June 29, 2020

चैतन्य भट्ट लोगों को भी हर बात में ऐतराज करने की आदत सी पड़ गयी हैl रविवार को पूरे शहर में जबरदस्त लॉकडाउन था ‘कलेक्टर साहेब’ के आदेश थे कि

क्या इंदिरा गांधी सचमुच में एक क्रूर तानाशाह थीं ?

क्या इंदिरा गांधी सचमुच में एक क्रूर तानाशाह थीं ?

By Mohit Devkar—June 29, 2020

श्रवण गर्ग सरकार के बदलते ही ‘आपातकाल’ की पीठ को नंगा करके जिस बहादुरी के साथ उसपर हर साल कोड़े बरसाए जाते हैं ,मुमकिन है आगे चलकर 25 जून को

राजबाड़ा 2 रेसीडेंसी

राजबाड़ा 2 रेसीडेंसी

By Mohit Devkar—June 29, 2020

अरविंद तिवारी बात यहां से शुरू करते है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यदि किसी मामले में आक्रामक तेवर अख्तियार कर ले तो सरकार को भी उसकी बात मानना पड़ती है। संघ

राज-काज

राज-काज

By Mohit Devkar—June 29, 2020

दिनेश निगम ‘त्यागी’ कमलनाथ का डर, चीन की एंट्री…. कमलनाथ अपनी पार्टी को संभाल नहीं पाए। सत्ता से बेदखल हो गए। अधिकांश सर्वे बोल रहे हैं, 24 विधानसभा सीटों के

शिक्षा हर दिन का महापर्व हैं महादान हैं, बच्चें स्कूल की बगिया के महकते पुष्प हैं

शिक्षा हर दिन का महापर्व हैं महादान हैं, बच्चें स्कूल की बगिया के महकते पुष्प हैं

By Akanksha Jain—June 28, 2020

देवेन्द्र बंसल .. भारतीय संस्कार संस्कृति व्यवहार अनुशासन और परम्परा का उद्ग़म हैं शिक्षा का मंदिर। जहाँ तराशा जाता हैं बच्चों को उनके गुरु के द्वारा ,विद्यालय के द्वारा। ज्ञान

“सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता है”

“सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता है”

By Akanksha Jain—June 27, 2020

शशिकांत गुप्ते यह एक कहावत है,लेकिन यह कहावत पढ़ सुन कर प्रश्न उपस्थित होते हैं? vyangसावन में कोई अलग किस्म के अंधे होते हैं क्या?सावन के अंधे को ही हरा

कल्याणकारी राज्य संविधान का मूलतत्त्व

कल्याणकारी राज्य संविधान का मूलतत्त्व

By Akanksha Jain—June 27, 2020

अनिल त्रिवेदी भारत का संविधान भारत के नागरिकों के कल्याण के लिये वचनबद्ध हैं।राज्य के सारे कार्य कलाप और नीतियां नागरिकों के लिये लोकमैत्रीपूर्ण और सभी नागरिकों के प्रति समभाव

यादों में आपातकाल- समापन, राहुकाल से लोकतंत्र के निकलने की शेषकथा!

यादों में आपातकाल- समापन, राहुकाल से लोकतंत्र के निकलने की शेषकथा!

By Mohit Devkar—June 27, 2020

“इमरजेन्सी के कंलक के काले धब्बे इतने गहरे हैं कि भारत में जबतक लोकतंत्र जिंदा बचा रहेगा तबतक वे बिजुरके की भाँति टँगे दिखाई देते रहेंगे” -जयराम शुक्ल चाटुकारिता भी

आपातकाल नहीं चाहिए तो फिर कुछ बोलते रहना बेहद ज़रूरी है !

आपातकाल नहीं चाहिए तो फिर कुछ बोलते रहना बेहद ज़रूरी है !

By Mohit Devkar—June 27, 2020

-श्रवण गर्ग कुछ पर्यटक स्थलों पर ‘ईको पाइंट्स’ होते हैं जैसी कि मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थान माण्डू और सतपुड़ा की रानी के नाम से प्रसिद्ध पचमढ़ी के बारे

मध्यप्रदेश : दरकती विचारधाराओं में पक्ष- प्रतिपक्ष

मध्यप्रदेश : दरकती विचारधाराओं में पक्ष- प्रतिपक्ष

By Ayushi Jain—June 27, 2020

-राकेश दुबे मध्यप्रदेश  राजनीति के वैचारिक क्षरण के अंतिम पायदान की ओर अग्रसर है | वो घड़ी नजदीक आ रही है जब आधी जिन्दगी कांग्रेस का झंडा थामने वाले, भाजपा

छग में गोबर खरीदी: आर्थिक नवाचार या राजनीतिक ‘अवशेष’वाद’…!

छग में गोबर खरीदी: आर्थिक नवाचार या राजनीतिक ‘अवशेष’वाद’…!

By Akanksha Jain—June 27, 2020

अजय बोकिल यकीनन छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला गोबर को प्रतिष्ठा दिलाने वाला है। वरना ‘पंच गव्य’ का यह पांचवा तत्व आर्थिक रूप से भी उपेक्षित ही रहा है। बावजूद