Indore–Ujjain ग्रीन फील्ड फोरलेन रोड को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले इस मार्ग को एलिवेटेड (ऊंचाई पर) बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे जमीन स्तर पर ही विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के फैसले के बाद इंदौर, सांवेर और उज्जैन क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसे किसान हित में लिया गया निर्णय बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। ऊंची सड़क बनने की स्थिति में लगभग 30 गांवों के सैकड़ों किसानों की खेती प्रभावित होती, खेतों में जलभराव की आशंका रहती और ग्रामीण मार्गों का आवागमन बाधित होता। किसानों की आपत्तियों और सुझावों पर गंभीर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया।
2935 करोड़ की मेगा परियोजना, 48 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन कॉरिडोर
यह महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना मप्र सड़क विकास निगम के माध्यम से करीब 2935.15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। लगभग 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन कॉरिडोर इंदौर और उज्जैन के बीच तेज और सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके लिए करीब 203.649 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 20 गांवों के करीब 600 परिवार और लगभग 20 हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। मंत्री सिलावट के अनुसार यह सड़क न केवल क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी, बल्कि आगामी सिंहस्थ 2028 की व्यवस्थाओं के लिए भी आधारभूत संरचना मजबूत करेगी।
किसानों की मांग पर हुई चर्चा, उचित मुआवजे का आश्वासन
भोपाल में किसानों और मुख्यमंत्री के बीच हुई बैठक में प्रभावित परिवारों ने सड़क को जमीन स्तर पर बनाने और बाजार दर के अनुरूप मुआवजा देने की मांग रखी। प्रशासन ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना। चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ही किया जाएगा। निर्णय के बाद क्षेत्र में संतोष का माहौल है और कई किसान संगठनों ने सरकार के रुख का स्वागत किया है।
626 करोड़ से अधिक मुआवजा स्वीकृत, 662 खातेदारों को लाभ
परियोजना से प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गुरुवार को कुछ किसान रेसीडेंसी कोठी पहुंचकर कलेक्टर शिवम वर्मा से मिले और आभार स्वरूप उन्हें साफा पहनाया। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि बिक्री छांट प्रक्रिया अपनाकर बाजार दर के अनुरूप मुआवजा तय किया गया है, ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 626 करोड़ 49 लाख 76 हजार 436 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे 662 खातेदारों और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। परियोजना के आगे बढ़ने के साथ प्रशासन ने पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान का आश्वासन भी दिया है।










