बीजेपी के विवादित नेता और विधायक मालिनी गौड़ के प्रतिनिधि वीरेंद्र शेंडगे के खिलाफ संघ पदाधिकारी चेतन पाटिल से मारपीट का मामला अब गंभीर हो गया है। पुलिस ने शेंडगे समेत सात लोगों पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
मामले में विधायक मालिनी गौड़ के करीबी और उनके पीए प्रणय चितौड़ा का नाम भी शामिल है। एफआईआर दर्ज होने के बाद किसी भी समय आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
शानू दिघे के घर पर भी पथराव
घटना के बाद संघ कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी देखी गई। गुस्साए लोगों ने मारपीट मामले में शामिल बताए जा रहे शानू उर्फ सौरभ दिघे के घर पर भी पथराव कर दिया। अज्ञात लोगों द्वारा की गई इस तोड़फोड़ के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
इन लोगों पर दर्ज हुआ केस
जानकारी के मुताबिक चेतन पाटिल के दोस्त की भाभी की शिकायत पर वीरेंद्र शेंडगे, गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकोटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
शिकायत में क्या कहा गया?
फरियादी ने पुलिस को बताया कि 6 जून की रात वह महू नाका से अन्नपूर्णा की ओर जा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने देखा कि चेतन पाटिल के साथ वीरेंद्र शेंडगे के होटल के बाहर मारपीट की जा रही है।
उन्होंने बताया कि गणेशानंद पाठक भी मौके पर मौजूद थे और वीडियो बना रहे थे, लेकिन शानू दिघे ने उनका मोबाइल छीन लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीरेंद्र शेंडगे ने चाकू निकाला और चेतन पाटिल के साथ मारपीट की। वहीं अगले दिन सुबह और दोपहर में आरोपियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और धमकियां दीं।
कुत्तों को खाना डालने से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत एक व्यक्ति द्वारा शेंडगे की मल्टी के बाहर कुत्तों को खाना डालने से हुई। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भी इस बात को लेकर समझाइश दी गई थी।
शनिवार रात फिर कुत्तों को भोजन डालने पर विवाद बढ़ गया। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को संघ से जुड़ा बताया, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई।
रविवार को बढ़ा विवाद
रात की घटना के बाद मामला संघ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं तक पहुंचा। इसके बाद रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग बाइक से शेंडगे की मल्टी पहुंचे और वहां पथराव व तोड़फोड़ की।
घटना के बाद हिंद रक्षक संगठन भी सक्रिय हो गया है, जिसके संरक्षक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य गौड़ बताए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के लोग थाने के बाहर जमा हैं और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।











