चार धाम यात्रा में डिजिटल सतर्कता, व्हाट्सऐप पर मिलेगी ट्रैफिक जाम और इमरजेंसी अलर्ट, भीड़ नियंत्रण के लिए खास एक्शन प्लान हुआ तैयार

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By Pinal PatidarPublished On: February 27, 2026

चार धाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां अपने चरम पर हैं। शीतकाल में नवंबर के दौरान चारों धामों के कपाट परंपरानुसार बंद कर दिए गए थे, जिसके बाद यात्रा स्थगित रही। अब नए सत्र की विधिवत शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर होगी। इसी दिन Gangotri और Yamunotri धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को Kedarnath और 23 अप्रैल को Badrinath धाम के द्वार खुलेंगे। इन तिथियों के साथ राज्य में चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से संचालित हो जाएगी और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

प्रशासन अलर्ट मोड में: भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष फोकस

यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए शासन स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम, भीड़ या किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत यात्रियों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए व्हाट्सऐप समेत डिजिटल माध्यमों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी विभागों, एजेंसियों और स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें। साथ ही, पिछले वर्षों के अनुभवों और चुनौतियों की समीक्षा कर प्रभावी एवं व्यावहारिक भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने पर जोर दिया गया है।

टेक्नोलॉजी का सहारा: क्यूआर कोड और एसओपी से मिलेगी स्मार्ट सुविधा

इस बार यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित और डिजिटल फ्रेंडली बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन कर यात्री संबंधित धाम, आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों, सुविधाओं और दिशा-निर्देशों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यात्रा संचालन के लिए विस्तृत एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले पशुओं का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। शासन ने साफ कहा है कि व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केदारनाथ मार्ग पर तैयारी तेज: घोड़े-खच्चरों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले पैदल मार्ग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। सवारी और सामान ढोने वाले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पशुपालन विभाग ने 26 से 28 फरवरी तक छह स्थानों पर पहले चरण का रोस्टर जारी किया है, जबकि होली के बाद दूसरे चरण की तिथियां घोषित की जाएंगी। पंजीकरण से पहले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, माइक्रोचिपिंग, टैगिंग, रक्त सैंपलिंग और बीमा अनिवार्य होगा। प्रशासन ने इस वर्ष करीब पांच हजार घोड़ा-खच्चरों के संचालन की अनुमति देने की तैयारी की है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा मिल सके।