पिछले वित्तीय वर्ष में सुस्त पड़े इंदौर के प्रॉपर्टी बाजार ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से ही शहर और जिले में संपत्तियों की खरीदी-बिक्री में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
इसका असर पंजीयन विभाग के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। अप्रैल से जुलाई के बीच जिले में संपत्तियों के पंजीयन में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि सरकार के राजस्व में 14 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।
चार महीने में 4,624 अधिक दस्तावेज पंजीकृत
पंजीयन विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जुलाई के बीच जिले में 53,925 दस्तावेज पंजीकृत हुए थे। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 58,549 हो गया। यानी पिछले वर्ष की तुलना में 4,624 अधिक दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं। इससे साफ है कि आवासीय और अन्य श्रेणी की संपत्तियों में खरीदारों की सक्रियता बढ़ी है।
वरिष्ठ पंजीयक अमरेश नायडू ने बताया कि हर महीने बड़ी संख्या में दस्तावेज पंजीकृत हो रहे हैं। सबसे अधिक रजिस्ट्रियां शहर के नए विकसित क्षेत्रों और शहरी सीमा से लगी कॉलोनियों में हो रही हैं।
100.98 करोड़ रुपए का राजस्व
संपत्तियों की बढ़ती खरीद-बिक्री का सीधा लाभ सरकार के राजस्व को भी मिला है। अप्रैल से जुलाई 2025-26 के दौरान पंजीयन विभाग को 719.43 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि चालू वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह बढ़कर 820.41 करोड़ रुपए पहुंच गया। इस तरह विभाग को पिछले वर्ष की तुलना में 100.98 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व मिला।
जुलाई में 823 अधिक रजिस्ट्रियां
केवल जुलाई माह की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में 17,664 दस्तावेज पंजीकृत हुए, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने 16,841 दस्तावेज दर्ज किए गए थे। यानी जुलाई में 823 अतिरिक्त रजिस्ट्रियां हुईं। इसी अवधि में राजस्व भी 218.16 करोड़ रुपये से बढ़कर 252.47 करोड़ रुपये हो गया। वहीं जून माह में 14,584 दस्तावेजों के पंजीयन से 228.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़ी मांग
शहर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में प्रॉपर्टी बाजार सबसे अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। कनाड़िया, बायपास, पिपल्याहाना, बिचौली मर्दाना, देवगुराड़िया, सुपर कॉरिडोर, राऊ, रंगवासा और हातोद जैसे क्षेत्रों में संपत्तियों की खरीदी-बिक्री तेजी से बढ़ी है। इन इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के विस्तार का भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
पुराने इंदौर में अब भी सुस्ती
हालांकि शहर के पुराने हिस्सों में प्रॉपर्टी बाजार की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। अप्रैल से जुलाई के बीच पुराने इंदौर में 13,782 दस्तावेज पंजीकृत हुए, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 14,861 थी। यानी यहां 1,079 दस्तावेज कम पंजीकृत हुए हैं, जो पुराने क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम मांग का संकेत है।










