अनोखे अंदाज में दिखे सीएम मोहन यादव, चाक चलाकर बनाया शिवलिंग, बुनकरों-शिल्पियों का किया सम्मान

Author Picture
By Raj RathorePublished On: August 10, 2026
Mohan Yadav Making Shivling

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 अगस्त को अनोखे अंदाज में नजर आए। उन्होंने एक ओर मिट्टी के चाक पर शिवलिंग का निर्माण किया, तो दूसरी ओर बुनकरों और शिल्पियों से शिल्प की जानकारी भी ली। उन्होंने बुनकरों-शिल्पियों के काम की जबरदस्त तारीफ की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुटीर और ग्रामोद्योग के जुड़े भारत के सभी बुनकर, शिल्पकार और कलाकारों के परिश्रम को पूरा सम्मान दिलवाने का संकल्प लिया है। हमारी सरकार देश के स्वावलंबी भाव से सभी हुनरमंद बुनकर, समर्पित शिल्पकार और कलाकारों को सम्मानित कर रही है। सीएम डॉ. यादव ने यह बात भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय बुनकर-शिल्पी सम्मान समारोह में कही।

कार्यक्रम में उन्होंने मृगनयनी ई-कॉमर्स वेबसाइट और ओडीओपी मार्ट एमपी पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने बुनकर, शिल्पकार और कलाकारों को भी पुरस्कृत किया। इन्हें प्रथम पुरस्कार में रूप में 1 लाख, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विरासत सांस्कृति और ऐतिहासिक है। किसानों की मेहनत से कपास तैयार होता है। इसी कपास से बुनकर कपड़ा, बुटिक और खादी तैयार करते हैं। खादी मध्यप्रदेश की विशेष पहचान रही है। शिल्पकार और कलाकारों के हाथों में चमत्कारिक प्रतिभा होती है। मध्यप्रदेश आज सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है, लेकिन हथकरघा और शिल्पकला को प्रोत्साहन पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है। वे अपने खून-पसीने और अथक परिश्रम से समृद्ध परंपरा और कला को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि आज सम्मानित 15 श्रेष्ठ कलाकारों और बुनकरों को बधाई देता हूं। चंदेरी का कुर्ता, महेश्वर की साड़ी, बाघ की शॉल और जरी का बैग सभी वस्तुएं प्रदेशवासियों को गौरव का अनुभव कराती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी कलाकारों की समृद्धि के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल का महामंत्र दिया है, उसे जमीन पर उतारने के लिए मध्यप्रदेश ठोस कदम उठा रहा है।

प्रदेश के सभी बुनकरों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से जुड़े कलाकारों और विशेष तौर पर ओडीओपी उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए दो ई-कॉमर्स वेब पोर्टल्स की शुरुआत की गई है। यह प्रदेश की लंबी छलांग है, इसी पोर्टल को देश में प्रथम पुरस्कार मिला है। यह प्रदेश सरकार और कुटीर एवं ग्रामोद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि है।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को अपना रहे युवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर ने लगभग 250 वर्ष पूर्व महेश्वरी साड़ी के माध्यम से देशभर के बुनकरों को संरक्षण और अवसर प्रदान किया। चंदेरी, इंदौर और उज्जैन प्रत्येक शहर में बुनकर और शिल्प कलाकारों को अनेक अवसर मिल रहे हैं। वर्तमान युवा पीढ़ी भी अब कुटीर एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को अपना रही है। अब भोपाल और इंदौर के प्रमुख बाजारों में ये उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं। अब नए पोर्टल्स के शुभारंभ से यह उत्पाद ऑनलाइन शॉपिंग के लिए युवाओं के लिए उपलब्ध होंगे।

मृगनयनी एपोरियम के माध्यम से 16 हजार स्थानों पर प्रोडक्ट की डिलीवरी सुनिश्चित की गई है। प्रथम चरण में 460 उत्पाद पोर्टल पर उपलब्ध हैं। ओडीओपी उत्पादों में भी हम चंदेरी की साड़ी, सीधी की दरी, उज्जैन का बटिक, धार का बाघ प्रिंट के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 7 जिलों के कारीगरों द्वारा निर्मित 2 हजार से अधिक उत्पादों की देशभर में डिलीवरी की जा रही है। बाजार में इन उत्पादों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए सरकार साथ है।

हर संभव सहयोग प्रदान कर रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, स्टार्टअप और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। हाल ही में उज्जैन में हैंडलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई है। पहले उज्जैन में कॉटन मिले अधिक थीं। मध्यप्रदेश अब गारमेंट सेक्टर में बड़ी छलांग लगाने के लिए आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले को पीएम मित्र पार्क की अनुपम सौगात दी है। यहां लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। खेत से लेकर कारखाने तक वैल्यू चेन तैयार होगी।

इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी में 6 जिले, इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, शाजापुर और रतलाम को शामिल किया है। इन इलाकों में तीन एयरपोर्ट, 6 रेलवे जंक्शन, 8 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र और रोजगार को बढ़ाने वाले टूरिज्म सेंटर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से प्रतिवर्ष 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ रहे हैं। शहर में एक यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य अगले माह तक पूरा कर लिया जाएगा। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से देशभर के उत्पादों को इस यूनिटी मॉल में उपलब्ध कराया जाएगा।

कई लोकेशन पर बिकेंगे इस कला के सामान

कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मप्र कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के बुनकर और कलाकारों को उनकी मेहनत का पूरा दाम नहीं मिल पाता था। राज्य सरकार ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल की शुरुआत की गई है। इन प्रोडक्ट्स पर लेबलिंग और क्यूआर कोड के माध्यम से जानकारी प्रदान करने की शुरुआत की गई है। अब हमारे उत्पाद देश के 15 हजार से अधिक लोकेशन पर बिकेंगे।

अपर मुख्य सचिव कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग केसी गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगभग ढाई लाख बुनकर, शिल्पकार और कलाकार हैं, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना अपना काम कर रहे हैं। वे हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग में कार्यरत 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। आज बुनकर, शिल्पकार और कलाकारों को सम्मानित किया गया है। दो नए ई-पोर्टल और प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है। पहले पोर्टल के जरिए मृगनयनी एंपोरियम की वस्तुओं की देशभर में 15 हजार से अधिक लोकेशन पर ई-कॉमर्स के माध्यम से डिलीवरी होगी। दूसरे पोर्टल में विभाग के 7 ओडीओपी प्रोडक्ट्स को शामिल किया गया है। इनकी डिलीवरी भी देशभर में 15 हजार स्थानों पर होगी।