आर्टिकल

क्या ऐसी ‘हिंसक अराजकता’ के साथ ही जीना पड़ेगा ?

क्या ऐसी ‘हिंसक अराजकता’ के साथ ही जीना पड़ेगा ?

By Akanksha Jain—July 24, 2020

-श्रवण गर्ग देश की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद में बीस जुलाई को एक बेक़सूर पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या पर पत्रकारिता के शीर्ष संस्थानों जैसे एडिटर्स

राम मंदिर शिलान्यास: ‘मुहूर्त’ पर बवाल और हाशिए पर ‘लाल’…

राम मंदिर शिलान्यास: ‘मुहूर्त’ पर बवाल और हाशिए पर ‘लाल’…

By Akanksha Jain—July 24, 2020

अजय बोकिल ज्योतिष पत्रकारिता तो होती है, लेकिन पत्रकारिता में न तो ज्योतिष और न ही कोई मुहूर्त होता है। अगर होता भी है तो 24 घंटे होता है। इस

राजस्थान की रेतीली आँधी, प्रजातंत्र का पराभव

राजस्थान की रेतीली आँधी, प्रजातंत्र का पराभव

By Akanksha Jain—July 23, 2020

एन के त्रिपाठी सदैव समस्याओं से घिरे इस देश के लिए राजस्थान का घटनाक्रम कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। यह राजनीतिक मूल्यों की गिरती हुई एक लंबी यात्रा का

कोरोना कहर के दौर की एक प्रेरणादायी और अनुकरणीय मिसाल

कोरोना कहर के दौर की एक प्रेरणादायी और अनुकरणीय मिसाल

By Mohit Devkar—July 22, 2020

अनिलकुमार धडवईवाले तीन माह के लंबे लॉक डॉऊन के बाद फिर से कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है। इंदौरशहर में कोरोना संक्रमण पर लगाम नही लग पा रही

N95  मास्क:  3 महीने में जनता को लगी करोड़ों की चपत…

N95 मास्क: 3 महीने में जनता को लगी करोड़ों की चपत…

By Akanksha Jain—July 22, 2020

राहुल गोरानी लॉकडाउन के 3 महीने से ऊपर गुजर जाने के बाद सरकार को याद आता है की n95 वाल्व वाले मास्क किसी काम के नहीं है… अब बताओ इसे

कोरोना की तलाश में

कोरोना की तलाश में

By Mohit Devkar—July 21, 2020

विश्वास व्यास हम इंदौरी भाई लोग निडर, बहादुर, वीर योद्धा है। हमारी कॉलोनी में जिस घर मे कोरोना निकला है। वह छोटा मोटा टूरिस्ट स्पॉट हो गया है, मोहल्ले के

मौत के भय की समाप्ति या व्यवस्था के प्रति तिरस्कार!

मौत के भय की समाप्ति या व्यवस्था के प्रति तिरस्कार!

By Mohit Devkar—July 21, 2020

श्रवण गर्ग कोरोना प्रभावितों की संख्या ग्यारह लाख को पार कर गई है! हमें डराया जा रहा है कि दस अगस्त के पहले ही आंकड़ा बीस लाख को लांघ सकता

प्रेम के पुजारी

प्रेम के पुजारी

By Ayushi Jain—July 20, 2020

-रमेश रंजन त्रिपाठी कवि पुंगव गोपालदास ‘नीरज’ को हमसे बिछुड़े दो वर्ष हो गए। हमें हिंदी सिनेमा का शुक्रगुज़ार होना चाहिए कि फिल्मी गीतों के माध्यम से अनेक ऐसे लोग

कुनबा बढ़ने से बिखरने लगा संगठन….

कुनबा बढ़ने से बिखरने लगा संगठन….

By Akanksha Jain—July 20, 2020

कांग्रेस तोड़कर भाजपा प्रदेश की सत्ता में काबिज हो गई। सत्ता की चकाचौंध के कारण कांग्रेस के टूटने का क्रम अब भी जारी है। भाजपा का कुनबा बढ़ रहा है

भाजपा के नहले पर दहला जड़ने की तैयारी में कांग्रेस

भाजपा के नहले पर दहला जड़ने की तैयारी में कांग्रेस

By Akanksha Jain—July 19, 2020

दिनेश निगम ‘त्यागी’ सरकार गिराने-बनाने के बाद अब उप चुनावों को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच शह-मात का खेल चल रहा है। भाजपा के पास जो रिपोर्ट है, उसके अनुसार कांग्रेस

शत्रुघ्नसिंह तिवारी को जानना इसलिए जरूरी!

शत्रुघ्नसिंह तिवारी को जानना इसलिए जरूरी!

By Ayushi Jain—July 19, 2020

पुण्यस्मरण/जयराम शुक्ल आज जब मध्यप्रदेश की राजनीति में विंध्यक्षेत्र के प्रतिनिधित्व की उपेक्षा पर चौतरफा बात चल रही है ऐसे में यहां के वो नेता बरबस ही याद आ रहे

दरअसल प्रभाष दा संस्कारित पत्रकारिता की उपज थे

दरअसल प्रभाष दा संस्कारित पत्रकारिता की उपज थे

By Mohit Devkar—July 18, 2020

सुरेन्द्र बंसल कुछ समय उनके साथ रहा, लेकिन उनसे जुड़ा तो कभी जुदा ही नहीं हुआ, क्यों ….अवसर तो बहुत थे..चाहे जितना आगे निकल जाते…होता भी यही है..हर कोई अपने

कोरोना और व्यंग्य?

कोरोना और व्यंग्य?

By Mohit Devkar—July 18, 2020

शशिकान्त गुप्ते एक स्वाभाविक प्रश्न जहन में उभर कर आया।क्या कोरोना पर व्यंग्य लिखा जा सकता है?यह प्रश्न अपने आप में बहुत कठिन है? व्यंग्य लिखना अर्थात शब्दो का खेल

अड़ोस पड़ोस स्थायी सुरक्षा का भाव हैं

अड़ोस पड़ोस स्थायी सुरक्षा का भाव हैं

By Mohit Devkar—July 18, 2020

अनिल त्रिवेदी जैसे विशाल वट वृक्ष की छांव सबकी होती हैं।छांव पर किसी का विशेषाधिकार नहीं हैं।जो वृक्ष के पास आवेगे वे सब वृक्ष की छांव पावेगे।छांव एक परिस्थिति जन्य

किराए के रोने वाले

किराए के रोने वाले

By Mohit Devkar—July 18, 2020

निर्मल उपाध्याय इस कोरोना त्रासदी ने जैसे स्वाभाविक, और वैधानिक दृष्टि से संवेदनाओं पर अपने युग ने नए दृष्य और नए संस्कार, विचार उकेर दिए हैं ।घर में कोई कोरोना

लॉक डाउन कोरोना का हल नहीं, सतर्कता ज़रूरी

लॉक डाउन कोरोना का हल नहीं, सतर्कता ज़रूरी

By Mohit Devkar—July 18, 2020

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ विश्वभर में कोरोना का हाहाकार है, त्राहि-त्राहि के इतर कुछ सुनाई नहीं दे रहा है, जनता भयग्रस्त है। विश्वबंदी भी करके देख ली, देशबन्दी से भी

केरल: किसका सियासी पानी उतारेगा सोना तस्करी कांड ?

केरल: किसका सियासी पानी उतारेगा सोना तस्करी कांड ?

By Mohit Devkar—July 18, 2020

अजय बोकिल जहां देश में सोने के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं, वहीं दक्षिणी राज्य केरल में सोना तस्करी कांड ने मुख्‍यमंत्री पी. विजयन का चैन छीन लिया है।

किसकी है खता, किसे दें हम सजा

किसकी है खता, किसे दें हम सजा

By Ayushi Jain—July 18, 2020

इसमें हैं कुछ सीधी सच्ची कथाएं जो हमारे गांव से शुरू होती हैं। इनकी अनुगूंज आपके भी गांव-कस्बे या शहर में सुनाई पड़ सकती हैं। अपने इर्द- गर्द झांकिए सभी

‘ तुम हमें समर्थन दो, हम तुम्हें सत्ता देंगे ‘

‘ तुम हमें समर्थन दो, हम तुम्हें सत्ता देंगे ‘

By Mohit Devkar—July 17, 2020

श्रवण गर्ग कांग्रेस और भाजपा के बीच इस समय जो कुछ भी चल रहा है उसे लेकर लोगों के मन में दो-तीन तरह के सवाल हैं : क्या कांग्रेस (या

मीडिया पर कसता शिकंजा और माफिया की ‘मीडियागिरी’

मीडिया पर कसता शिकंजा और माफिया की ‘मीडियागिरी’

By Ayushi Jain—July 17, 2020

अजय बोकिल करीब ग्यारह साल पहले महाराष्ट्र में शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक लेख छपा था। इसमें कहा गया था कि जैसे देश में तेल और रेत माफिया है,