बीएसएनएल अपने सबसे बुरे दौर में, दस सालों में कई हजार करोड़ का नुकसान

भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) भारत की सबसे प्राचीन संचार सेवा प्रदाता कंपनी है। वर्तमान में भारत सरकार का यह संचार सेवा उपक्रम अपने अबतक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। प्राइवेट कंपनियों के आने के बाद हुई खस्ता हालत।

भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL)भारत सरकार के स्वामित्व की एक टेलीकॉम कंपनी है। अक्टूबर, वर्ष 2000 में भारत सरकार द्वारा इसका निर्माण किया गया था। इसका मुख्यालय भारत संचार भवन, हरीश चन्द्र माथुर लेन, जनपथ, नई दिल्ली में है। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) भारत की सबसे प्राचीन संचार सेवा प्रदाता कंपनी है। वर्तमान में भारत सरकार का यह संचार सेवा उपक्रम अपने अबतक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। कम्पनी बीते एक दशक से बड़े नुकसान में चल रही है और बदहाली की स्थिति में है।

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बीएसएनएल की सिम हासिल करने के लिए कई दिनों तक लाइन में खड़ा होना पड़ता था

अक्टूबर, वर्ष 2000 में शुरू हुई भारत की सबसे प्राचीन संचार सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल की सिम हासिल करने के लिए भारत के नागरिकों को घंटों लाइन में खड़े रहना होता था। उस दौरान बहुत ही गिनेचुने लोगों के पास मोबाईल फोन हुआ करता था और कॉल दरें भी आज की तुलना में कहीं ज्यादा थी। उस दौरान बीएसएनएल की विशेष ख्याति थी और इसकी सिम प्राप्त होना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी।

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प्राइवेट कंपनियों के आने के बाद हुई खस्ता हालत

टेलिकॉम सेक्टर्स में प्रायवेट कंपनियों के दखल के बाद से ही बीएसएनएल के पैर लगातार लड़खड़ाने लगे। संचार के क्षेत्र में कभी एक तरफा राज करने वाली बीएसएनएल आज अपने अस्तित्व के लिए ही संघर्ष करती नजर आ रही है। आइडिया, एयरटेल के बाद रिलायंस के जिओ के टेलिकॉम सेक्टर में प्रवेश के बाद से लगातार घाटे में चल रही बीएसएनएल पिछले दस सालों में हजारों करोड़ का नुकसान उठा चुकी है।