बिहार चुनाव: नोटतंत्र जीत गया, लोकतंत्र हार गया- दिग्विजय सिंह

भोपाल। एमपी में 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती के दौरान सत्तारूढ़ बीजेपी 20 सीटों पर आगे है, वही कांग्रेस सात सीटों पर और बीएसपी एक सीट पर आगे है। दूसरी और, बिहार में भी महागठबंधन पीछे जाते हुए दिखाई दे रहा है और NDA की लगातार बढ़त है। NDA की बढ़त को देख विपक्षी दल लगातार ईवीएम का मुद्दा उठा रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, “मैंने सबह ही कहा था कि चुनाव लोकतंत्र और नोटतंत्र के बीच है। जनता और प्रशासन के बीच है. नोटतंत्र जीत गया, लोकतंत्र हार गया।”

साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि, ईवीएम में सिलेक्टिव छेड़छाड़ की जाती है. ऐसी सीटे हैं जहां हम किसी भी परिस्थिति में नहीं हारे होंगे लेकिन हजारों वोटों से हार गए। हम कल यानी बुधवार को एक बैठक करेंगे और परिणामों पर विश्लेषण करेंगे।

इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों में NDA गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। बिहार चुनाव में पहली बार लड़ने वाली पार्टी प्लूरल्स पार्टी की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी ने ईवीएम हैकिंग का मुद्दा उठाया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, सत्ताधारी दल के कहने पर ईवीएम में हैकिंग की गई है और प्लूरल्स पार्टी के वोट को बीजेपी ने अपने पक्ष में कर लिया है। पुष्पम ने कहा कि ”बूथवार तरीके से हमारे वोट को बीजेपी ने अपने पक्ष में कर लिया है। जिन बूथों पर कार्यकर्ताओं ने हमारे सामने जाकर वोट दिया वहां हमें 0 वोट मिले हैं।”

वही, भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नेता उदित राज ने भी ट्वीट कर कहा कि, ”जब मंगल ग्रह और चांद की ओर जाते उपक्रम की दिशा को धरती से नियंत्रित किया जा सकता है तो ईवीएम हैक क्यों नही की जा सकती? अमेरिका में अगर ईवीएम से चुनाव होता तो क्या ट्रम्प हार सकते थे।”