मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम मांडवी में खुले बोरवेल में पांच साल मासूम बच्चा गिर गया शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खेलने के दौरान बच्चा बोरवेल में गिर गया. खुले बोरवेल की गहराई 400 फीट बताई जा रही है. इस घटना के सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया था. कलेक्टर के निर्देश पर दो जेसीबी मौके पर रवाना कर दी गई. राहत और बचाव कार्य जारी कर दिया गया था

3 दिनों से फसा है तन्मय

8 साल का तन्मय मंगलवार शाम से ही बोरवेल में फंसा हुआ है. 55 फीट की गहराई पर फंसे तन्मय को बचाने के लिए 62 घंटे से राहत कार्य जारी है, लेकिन पानी और पत्थरों की वजह से प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और मासूम के रेस्क्यू में देर होती जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, प्रशासन अभी भी तन्मय की पहुंच से काफी दूर है. बच्चे को डायरेक्ट बोरवेल से निकालना मुश्किल था, इसलिए टीम ने बगल में एक गड्ढा खोदकर सुरंग के जरिए तन्मय तक पहुंचने का प्लान बनाया था. अभी 8 फीट तक सुरंग खोदी जा चुकी है, लेकिन 2 फीट अभी भी बाकी है.

बैतूल कलेक्टर ने बताया की ऑक्सीजन और कैमरे के जरिये भी हम उससे संपर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं. पत्थरों की वजह से परेशानी आ रही है. कोशिश यह है कि बच्चे को सकुशल निकाला जा सके, जिसकी पूरी तैयारी है. प्रसाशन की पूरी टीम लगी हुई है. हमारा प्रथम प्रयास यही होगा कि बच्चे को सकुशल निकाला जा सके.

 

तन्मय की माँ ने जताई नाराजगी बोली नेता के बच्चे होते तो न लगती देर

बोरवेल में फंसे मासूम तन्मय की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. मां ज्योति साहू ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चे को बचाने में इतना टाइम लगा रहा है. इतना टाइम लगता है क्या? ऊपर से देखने भी नहीं दिया जा रहा कि क्या हो रहा है. मां का कहना है कि फिल्मों में जल्दी बचाव कार्य हो जाता है, लेकिन असल जिंदगी में नहीं. 3 दिन हो गए हैं और वह अपने बच्चे को सलामत देखना चाहती हैं. नाराज मां ने कहा कि अगर यह कोई नेता का बच्चा होता, तो इतना टाइम नहीं लगता.

ग्रामीणों को किया घटनास्थल से दूर

तन्मय सही सलामत बाहर आ जाए, इसके लिए उसके परिवार समेत पूरा गांव दुआ कर रहा है. सभी बोरवेल के पास बच्चे के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे. ऐसे में विधायक निलय डागा ने गांव वालों से अपील की कि बचाव कार्य में सहयोग करें और घटनास्थल से दूर रहें, ताकि पोलकेन मशीन आसानी ले चलाई जा सके. हालांकि, जैसे-जैसे समय बढ़ रहा है, स्थिति चिंताजनक होती जा रही है.