आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ हुई बैन, मेकर्स को लगा बड़ा झटका

आयुष्मान खुराना अपनी सुपरहिट फिल्मों को लेकर काफी चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में उनकी फिल्म बाला ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाल मचाया था।

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मुंबई : आयुष्मान खुराना अपनी सुपरहिट फिल्मों को लेकर काफी चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में उनकी फिल्म बाला ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाल मचाया था। अब आयुष्मान खुराना अपनी अगली हिट फिल्म को सुपरहिट साबित करने के लिए तैयार हैं। दरअसल, आयुष्मान अपनी फिल्म ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।

यह फिल्म 21 फरवरी यानि आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई हैं। हर बार की तरह ये फिल्म भी पारिवारिक मनोरंजन वाली फिल्म है, जिसे परिवार के साथ देख कर काफी एन्जॉय करेंगे। फिल्म को लेकर जनता में काफी उत्साह बना हुआ है। आयुष्मान की ये फिल्म गे लव स्टोरी पर है, जिसमें उन्होंने होमोसेक्सुअल लड़के का किरदार निभाया है। ऐसे में फिल्म की रिलीज से ठीक पहले विदेशों बैन कर दिया गया है।

बता दें फिल्म की रिलीज पर दुबई और मिडिल ईस्ट के देशों में रोक लगा दी गई है। जानकारी के अनुसार फिल्म के विषय के चलते मेकर्स को ये झटका लगा है। मेकर्स ने फिल्म में आयुष्मान और जितेन्द्र के किसिंग सीन को एडिट करने का विकल्प भी रखा, लेकिन उन्हें साफ तौर पर कह दिया गया कि दिक्कत फिल्म के किसी दृश्य से नहीं बल्कि इसके विषय से है।

बता दें कि मध्य पूर्व एशिया के देशों में हिंदी फिल्मों के दर्शकों की भरमार है। वहां रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों को काफी जबरदस्त बॉक्स ऑफिस कलेक्शन मिलता है लेकिन समलैंगिक रिश्तों पर बनी फिल्में वहां अपने आप ही बैन हो जाती हैं। इसके चलते शुभ मंगल ज्यादा सावधान को किसी भी सूरत में वहां रिलीज नहीं किया जा सकता है।

फिल्म आनंद एल राय के निर्देशन में बनी है। इसमें आयुष्मान और जीतेंद्र के अलावा नीना गुप्ता और गजराज राव एक बार फिर साथ में कॉमेडी का तड़का लगाते नजर आए हैं। वहीं सुनीता राजवार, मानवी गागरू, पंखुडी अवस्थी, नीरज सिंह, मनु ऋषि चड्ढा भी फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की कहानी की बात करे तो यह फिल्म वाराणसी के एक छोटे शहर में रहने वाले दो समलैंगिक लड़कों के प्यार पर आधारित है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा जगत की उन चुनिंदा फिल्मों में से एक है, जिनमें समलैंगिक रिश्तों को लेकर समाज में पनप रही नकारात्मक सोच पर कटाक्ष किया गया हैं।