विक्रमादित्य को बचाने में झोंकी ताकत, शहीद हुआ रतलाम का लाल

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DS chauhan

कर्नाटक के कारवाड़ बंदरगाह पहुँचने से पहले देश के सबसे बड़े विमानवाहक जंगी पोत आईएनएस विक्रमादित्य में शुक्रवार को आग लग गई थी। आग बुझाने के दौरान नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर डीएस चौहान धुएं के कारण बेहोश हो गए। इससे उनकी कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई. 30 वर्षीय सीएस चौहान मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के रहने वाले थे।

नौसेना ने दिए जांच के आदेश

इन जंगी पोत में उस समय आग लगी जब वह कर्नाटक के कारवाड़ बंदरगाह पहुंच रहा था। नौसेना ने बताया कि पोत को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन डीएस चौहान शहीद हो गए। नौसेना ने जांच के लिए ‘बोर्ड ऑफ इन्क्वॉयरी’ के आदेश दिए हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि लेफ्टिनेंट कमांडर चौहान की बहादुरी से आग को बुझा लिया गया। हम उनके साहस औैर कर्तव्यनिष्ठा को सलाम करते हैं।

मां बोलीं- नजरें झुकाकर मत आओ

डीएस चौहान परिवार के इकलौते बेटे थे। अपने इकलौते बेटे को खोने पर उनकी मां को दुख होने के साथ-साथ अपने बेटे पर गर्व भी है। जब भी कोई घर में आता है कह उठती हैं नजरें झुकाकर मत आओ, नमस्ते की बजाए पहले सेल्यूट करो, मेरा बेटा भारत माता के लिए शहीद हुआ है।

शहीद डीएस की मां ने बताया कि उनका बेटा एयरफोर्स में जाना चाहता था लेकिन 2012 में उसका सिलेक्शन नेवी में हो गया। दोपहर लगभग 1.30 बजे जब मां टमा कुंवर को बेटे के शहीद होने की जानकारी मिली तब वो खाना खा रही थीं। नेवी ऑफिसर ने फोन कर धर्मेंद्र के शहीद होने की खबर दी। यह सुनते ही उनकी मां बेसूध हो गई। पत्नी करूणा सिंह को तो अब तक पता नहीं की उसका पति शहीद हो चुका है।

कमलनाथ ने किया ट्वीट

लेफ्टिनेंट कमांडर डीएस चौहान की शाहदत पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि MP के रतलाम से नौ सेना के जाबाँज अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह चौहान की विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य पर लगी आग को फैलने से रोकने के लिये किये साहसिक प्रयास में हुई मौत की घटना बेहद दुखद है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणो में स्थान व पीछे परिजनो को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।

ऐसा है पोत

जंगी पोत आईएनएस विक्रमादित्य को रूस से भारत ने करीब 16,000 करोड़ रुपए में ख़रीदा था। यह जंगी पोत 284 मीटर लंबा और 60 मीटर ऊंचा है। सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में इस जंगी पोत का नामकरण किया गया।

पिछले महीने ही हुई थी शादी

ख़बरों के मुताबिक़ शहीद डीएस चौहान की पिछले महीने ही शादी हुई थी। 10 मार्च को ही आगरा में वहीं की रहने वाली करुणा सिंह से उनकी शादी हुई थी। 12 मार्च को रतलाम में रिसेप्शन हुआ था।