चिनूक, अपाचे के बाद अब ये लड़ाकू विमान दुश्मन को कर देगा ढेर

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान लगातार भारत को नुकसान पहुंचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारतीय फौज की ताकत के आगे पाक की नापाक हरकत नाकाम साबित हो रही है। इसी बीच भारतीय सेना अपनी ताकत बढ़ाने में लगी हुई है। चिनूक और अपाचे हेलीकाप्टर के बाद अब जल्द ही भारतीय वायुसेना को राफेल मिलने वाला है। यह न केवल एयरफोर्स, बल्कि इस महत्पूर्ण एयर कमांड की ताकत को भी और अधिक बढ़ा देगा। गौरतलब है कि भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 58,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमान का सौदा किया था।

इधर, विजयीदशमी को मिलने वाले राफेल को लेकर भारतीय वायुसेना तैयारी में जुट गया है। बताया जा रहा है कि फ्रंास से मिलने वाले राफेल लड़ाकू विमानों को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात किया जाएगा, जो उत्तर भारत का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन है। पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन हमेशा आंख दिखाने की कोशिश करते हैं। दोनों देशों की हरकतों को रोकने के लिए भारतीय वायुसेना अपनी ताकत को बढ़ाने में लगी हुई है।

भारत को पहला राफेल विमान विजयदशमी के दिन 8 अक्तूबर को मिलेगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस लड़ाकू विमान की डिलीवरी लेने अगले महीने खुद फ्रांस जाएंगे। संयोग से 8 अक्तूबर को ही भारतीय वायुसेना का स्थापना दिवस भी है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि राजनाथ 7 अक्तूबर को तीन दिवसीय दौरे पर फ्रांस रवाना होंगे। उनके साथ रक्षा सचिव अजय कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जाएंगे। देश को पहला राफेल विमान सौंपने के कार्यक्रम में फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारी और दसॉल्ट के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दसॉल्ट एविएशन ने राफेल का निर्माण किया है।

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