ऑटो के बाद टेक्सटाइल सेक्टर भी मंदी की चपेट में, अखबार में विज्ञापन देकर कहा- हम डूब रहे हैं, कंगाल हो रहे हैं

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नई दिल्ली। देश आर्थिक मंदी की चपेट में आता जा रहा है। उद्योगों की हालत पतली होता जा रही है। लगातार घाटा होने से कई उद्योग बंद होने की कगार पर है, तो कई उद्योग प्रबंधनों ने हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसी बीच आॅटो सेक्टर के बाद अब टेक्सटाइल सेक्टर भी मंदी की चपेट में आ गया है, जिसका असर साफ दिखाई दे रहा है। आर्थिक मंदी के चलते इस सेक्टर में भी हाहाकार मच गया है।

अखबारों में विज्ञापन देकर टेक्सटाइल्स मिल्स एसोसिएशन ने अपनी समस्या लोगों के साथ शेयर की है। इंडियन एक्प्रेस अखबार में छपे विज्ञापन में नॉर्दन इंडिया टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन द्वारा बताया गया है कि टेक्सटाइल सेक्टर में भी मंदी के संकेत हैं और यहां भी नौकरियों पर संकट मंडरा रहे हैं।

अखबार में दिए गए विज्ञापन में साल 2018 और 2019 की तुलना कर बताया गया है कि इस अवधि के अप्रैल से जून तक के महीने में सूती धागे के निर्यात में कमी आई है। साल 2018 के अप्रैल महीने में सूती धागे का निर्यात 337 यूएस मिलियन डॉलर का था जबकि 2019 में 266 यूएस मिलियन का ही रहा। मई 2018 में सूती धागे का निर्यात 349 यूएम मिलियन डॉलर का था।

गौरतलब है कि इससे पहले ऑटो सेक्टर में मंदी की खबरें सामने आई थी। बताया गया था कि कारों की बिक्री में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते ऑटो सेक्टर में 15,000 लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं और 10 लाख से ज्यादा नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है।

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