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नेपाल-भारत संबंधों में बढ़ा तनाव, पहली बार सीमा पर तैनात करेगा सेना

नई दिल्ली: नेपाल-भारत के बीच चल रहा सीमा विवाद और गहराता जा रहा है। नेपाल लगातार भारत से रिश्ते ख़राब करने की कोशिशें कर रहा है। नेपाल सरकार ने नेपाल प्रवेश करने के लिए खुली सीमाओं को बंद करने और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से ही नेपाल में एंट्री देने का फैसला किया है।

इसके अलावा भारत से लगातार गहरा रहे सीमा विवाद के चलते नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दी है, ऐसा पहली बार हो रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की कैबिनेट ने सीमा व्यवस्थापन और सुरक्षा के नाम पर सख्ती दिखाते हुए भारत से लगी 20 सीमाओं को छोड़कर बाकी सभी को बन्द करने का निर्णय किया है।

अभी तक नेपाल आने वाले भारतीय नागरिकों को बिना रोक-टोक अपनी सुविधा के मुताबिक इन खुली सीमाओं से एंट्री मिलती थी लेकिन नेपाल सरकार के ताजा फैसले के बाद अब सिर्फ निर्धारित सीमा से ही नेपाल में प्रवेश करने की इजाजत मिलेगी।

गौरतलब है कि नेपाल और भारत के बीच करीब 1,700 किलोमीटर की खुली सीमाएं हैं। बताया जा रहा है कि जिस दिन नेपाल सरकार ने भारतीय क्षेत्रों को मिलाकर अपना नया नक्शा जारी किया था, यह निर्णय उसी दौरान लिया गया है लेकिन सरकार ने एक हफ्ते तक इस निर्णय को छिपा कर रखा।

यह पहली बार है जब नेपाल-भारत सीमा पर सेना की तैनाती होने जा रही है। अब तक भारत के तरफ सीमा की निगरानी एसएसबी करती थी वहीं नेपाल की तरफ से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के हवाले सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। हालांकि नेपाल भारत के बीच बॉर्डर को नियंत्रित करना, बन्द करना और सेना की तैनाती करना दोनों देशों के बीच 1950 में हुए मैत्री संधि के खिलाफ है।