जिनशासन देव की प्रतिष्ठा के लिए समर्पित भाव से कार्य करें : डॉ. वसंतविजयजी म.सा.

0
53

इंदौर: कृष्णगिरी पीठाधिपति यतिवर्य राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने शनिवार को कहा कि जैन धर्म के मर्म को समझें और आत्म-परमात्मा की प्राप्ति का प्रयास करते रहें। जिनशासन में जन्म लेना बड़ा ही पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि जिनशासन देव की प्रतिष्ठा, प्रभावना के लिए समर्पित भाव से कार्य करें तभी जीवन सफल की ओर बेहतर तरीके से अग्रसर होंगे। दिव्य भक्ति चातुर्मास के 49 वें दिन व पर्यूषण पर्व के छठे दिन प्रवचन में डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हम अपने दु:ख से दु:खी नहीं है बल्कि दूसरों से सुखरूपी कम्पेरिजन से दु:खी है। दूसरों के सुख की चिंता छोड़ो और परमात्मा की भक्ति में लीन रहो तो बेड़ा पार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मेहनत से ही बड़ा बनें लेकिन उसके लिए देवों की पूजा, सेवा भी मायने रखता है। ट्रस्टी जय विजय कोठारी ने बताया कि हृींकारगिरी तीर्थ धाम में प्रतिष्ठापित मूलनायक परमात्मा पार्श्वनाथ जी की प्रतिमा का विधिकारक हेमंत वेदमूथा मकशी द्वारा 50 दिवसीय 18 अभिषेक शनिवार को भी जारी रहा।

एमपी के इतिहास में पहली बार सर्वाधिक 16 पालनाजी दर्शन एक साथ हुए हृींकारगिरी तीर्थ में

इंदौर। कृष्णगिरी पीठाधिपति, यतिवर्य, सर्वधर्म दिवाकर, राष्ट्रसंत डॉ. वसंतविजयजी म.सा. की प्रेरणा व निश्रा में मध्यप्रदेश के इतिहास में इंदौर के हृींकारगिरी तीर्थ धाम पर सर्वाधिक 16 पालनाजी के दर्शन एक साथ देखे गए। इस भव्य ऐतिहासिक धार्मिक मौके पर धाम को आकर्षक रंगीन रोशनियों से भी सजाया गया। ओर तो ओर अद्भुत, अविस्मरणीय 1008 दीपक की प्राकृतिक रोशनी में स्वर्गतुल्य क्षत्रियकुण्ड की तरह तीर्थ धाम को सुसज्जित किया गया। पूज्य गुरुदेव डॉ. वसंतविजयजी म.सा. की प्रेरणा व निश्रा से अनेक स्थानों से आए पालनाजी में प्रभु को पालना झूला क्षत्रियकुण्ड में साक्षात् उपस्थिति का अनुभव भक्तों ने लिया। श्री नगीन भाई कोठारी चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में दिव्य भक्ति चातुर्मास में डॉ. वसंतविजयजी म.सा. ने सभी लाभार्थी परिवारों की अनुमोदना करते हुए दिव्य मांगलिक आशीर्वाद प्रदान किया। यहां बड़ी संख्या में मौजूद श्रावक-श्राविकाओं में भी खासा उत्साह देखा गया।

यहां से आए पालनाजी और ये हैं लाभार्थी परिवार…

ह्रींकारगिरी तीर्थ धाम के ट्रस्टी विजय कोठारी एवं जय कोठारी ने बताया कि द्वारकापुर व सिमंधर स्वामी गुमास्तानगर पालनाजी के लाभार्थी परिवार नाकोड़ा बंदे ग्रुप, लाईलिंक सिटी मंदिर पालनाजी के लाभार्थी परिवार घोडावत परिवार अभयजी सुमितजी अमितजी कल्याणपुरा एवं इंदौर व पंकज, दीपक कटकानी परिवार गुमास्तानगर, रतनबाग मंदिर पालना के लाभार्थी परिवार धर्मचंद, रितेश, विपिन, जय, हर्षिल पगारिया परिवार, खड़ोतिया मंदिर देपालपुर पालनाजी के लाभार्थी परिवार महावीर कुमार, मृदुल कुमार, जिरावाला पार्श्वनाथ पालनाजी के लाभार्थी परिवार मनोज कुमार बागरेचा एवं एल.एन.सिटी परिवार, हृींकारगिरी तीर्थ धाम पालनाजी के लाभार्थी कोठारी परिवार, पार्श्वनाथ सोसायटी पालनाजी के लाभार्थी संजय कुमार जैन, महेश नगर मंदिर पालनाजी के लाभार्थी सुनील मुदित सार्थक आच्छा, राजविहार मंदिर पालनाजी के लाभार्थी सुभाषचंद्र सौरभ कुमार चोपड़ा परिवार, ऋषभ विहार पालनाजी के लाभार्थी अरुण कुमार मोहनलालजी नाहर परिवार, पालनाजी दामोदरनगर के लाभार्थी परिवार सुरेशचंद हिमांशूजी हातोद, बोरी जिला झाबुआ मंदिर पालनाजी के लाभार्थी जैनम पुखराज जी मांडोत, झुकनाबदा पालनाजी के लाभार्थी दिलीप शांतिलाल मांडोत, केसुर के आदिनाथ और पार्श्वनाथ पालनाजी के लाभार्थी परिवार अनित, ऋषभ, जित, सेहन चौधरी परिवार।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here