फिर शुरू होगा किसान आंदोलन? इस किसान नेता ने दिए संकेत

पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता शिवकुमार शर्मा 'कक्काजी' ने मंगलवार कई बड़े संकेत दे दिए हैं।

NEW DELHI, INDIA - JANUARY 4: Shiv Kumar Sharma Kakaji of the Rashtriya Kisan Mahasangh, arrive with Farmer Union Leader for meeting with Union Ministers on the issue of farms laws at Vigyan Bhawan on January 4, 2021 in New Delhi, India. In their seventh attempt to end the logjam over the three farm laws, ministers representing the central government and 40 farm union leaders held talks in Delhi on Monday. Two key demands of the farmers are expected to be on the table for consideration by the government. Despite rains and the ongoing cold wave across North India, farmers agitating against the Centres farm laws stood strong at the borders of the national capital and continued their protest for the last 39 days. (Photo By Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images)
पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता शिवकुमार शर्मा ‘कक्काजी’ (Shiv Kumar Sharma Kakaji)ने मंगलवार कई बड़े संकेत दे दिए हैं। कक्काजी ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की मांगें समय सीमा में पूरी नहीं की तो यूपी चुनाव में इसका भारी खामियाजा भुगतना होगा। और उन्होंने ये भी कहा कि तय समय सीमा में वादें पूरे नहीं किये गए तो किसान दस गुना ताकत से दिल्ली पहुंचेंगे। और आंदोलन करेंगे।
कक्काजी ने धमकी देते हुए कहा कि हमारा आंदोलन जिस ताकत से चला है, यदि सरकार एमएसपी पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो इससे दस गुनी ताकत से हम दिल्ली की तरफ रुख करेंगे। और भारत का हर किसान इस लड़ाई में किसानों का साथ देगा।
कक्काजी का कहना हैं कि यूपी इलेक्शन के पहले ये तय किया जाएगा कि जो पांच मांगे किसानों ने सरकार को लिखकर दी थी, वो पांच मांगे पूरी होना चाहिए। वहीँ हरियाणा और किसानों के मुकदमे वापस लेने की बात भी कही थी। पराली जलाने पर किसानों को आपराधिक प्रकरण से दूर रखा जाएगा। बिजली विधेयक बिल पर भी लिखा था कि किसान बढ़े हुए बिजली के दाम नहीं देंगे। जो किसान शहीद हुए हैं, उसके परिवार को नौकरी दी जाए। यदि सरकार इन मांगों को समय सीमा में पूरा नहीं किया तो मजबूरन हमें यूपी चुनाव में अपनी ताकत दिखाने के लिए किसानों को एकजुट करना पड़ेगा। जिससे बीजेपी को भारी नुक्सा हो सकता हैं।