अनेकता में एकता हमारी सबसे बड़ी पहचान: कमलनाथ

पूरे विश्व में कोई भी ऐसा देश नहीं है जहाँ इतनी विभिन्न्ता, जातियाँ, धर्म, भाषाएं, रस्म और त्यौहार हों जितने हमारे देश में है।

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भोपाल: मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि हमारी भावी पीढ़ी आज के परिवेश में अपने मूल्यों, सभ्यता और संस्कृति को सुरक्षित रखे। यही वह ताकत है जिसने हमारे देश को पूरे विश्व में महान बनाया है। नाथ आज विधानसभा में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर रहे थे। जनसंपर्क मंत्री पी.सी. शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी समारोह में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि हमारे देश की सेना और धन हमारी असली शक्ति नहीं है बल्कि अनेकता में एकता हमारी सबसे बड़ी पहचान और ताकत है। पूरे विश्व में कोई भी ऐसा देश नहीं है जहाँ इतनी विभिन्न्ता, जातियाँ, धर्म, भाषाएं, रस्म और त्यौहार हों जितने हमारे देश में है। इसके बाद भी हम एक तिरंगे झंडे के बीच पूरी एकता के साथ खड़े हैं। यही हमारी महानता है जिसे पूरा विश्व स्वीकार्यता है। मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी से कहा कि हमें अपनी इस पहचान को खोने नहीं देना है।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि भावी पीढ़ी बेहतर सोच, संस्कार, भारतीय मूल्यों और सभ्यता के साथ आगे बढ़े, शिक्षित हो यह चुनौती हमारी शिक्षण संस्थाओं और शिक्षकों के सामने हैं। हम सभी का प्रयास हो कि हमारे बच्चे जो देश का भविष्य है वे अपने मूल्यों और संस्कृति से जुड़ें। उन्होंने बच्चों से कहा कि स्कूल-कॉलेज से वे शिक्षित तो हो जाएंगे लेकिन ज्ञान उन्हें अपने परिवार, समाज देश से मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित होने की तो एक सीमा है लेकिन ज्ञान की कोई सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं आज भी रोज कोई न कोई नया ज्ञान प्राप्त करता हूँ। यही ज्ञान हमारी शक्ति है। यही हमें अनुभव देता है और सदैव मुश्किल परिस्थितियों में हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि हमारे पास आज अनेक साधन है इसका उपयोग अपने ज्ञान वृद्धि में करें।

मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने की परंपरा शुरू करने पर आयोजकों को बधाई दी। उन्होंन कहा कि इससे जहाँ सफलता प्राप्त विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलता है वहीं दूसरे बच्चों को प्रेरणा प्राप्त होती है।

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री कमल नाथ की मंशा के अनुसार नई पीढ़ी को आज की नई शिक्षा तकनीक से जोड़ने के लिए अगले एक साल में प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में 350 ई-लायब्रेरी और ई-लेब खोली जाएंगी।

सम्मान समारोह के आयोजक सुरेश गोयल ने स्वागत उद्बोधन दिया। मुख्यमंत्री ने समारोह में 57 छात्राओं और 10 छात्रों को परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया। उन्होंने एवरेस्ट पर फतह करने वाली प्रथम महिला भावना डेहरिया का भी सम्मान किया।

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