नई दिल्ली। आज 32वें ओलंपिक खेल का समापन हो गया है। वहीं 23 जुलाई को शुरू हुए टोक्यो ओलंपिक खेलों का समापन रंगारंग कार्यक्रम के साथ रविवार को हुआ। वहीं समापन समारोह की शुरुआत आतिशबाजी के साथ हुई और पूरे ओलंपिक स्टेडियम को दुल्हन की तरह सजाया गया। साथ ही क्लोजिंग सेरिमनी में भारत के 10 भारतीय एथलीटों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भारत का स्वेग भी भरपूर दिखा। वहीं रेसलर बजरंग पुनिया ने भारतीय दल की अगुवाई की।

गौरतलब है कि, वैश्विक महामारी कोविड-19 के कहर के बीच आयोजित हुए 32वें ओलंपिक खेल समापन समारोह के साथ समाप्त हुआ। जिसमें आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। समापन समारोह एक वीडियो के साथ शुरू हुआ, जिसमें 17 दिन की स्पर्धाओं का सार था। बता दें कि, अंतिम अध्याय की शुरुआत स्टेडियम में आतिशबाजी से हुई, जिसमें आयोजकों ने ‘अनगिनत व्यक्तियों के लिए आभार व्यक्त किया।’ जिन्होंने ओलंपिक खेलों को समापन समारोह तक पहुंचाने में मदद की। इस दौरान जापान के क्राउन प्रिंस अकिशिनो और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाक आधिकारिक स्टैंड में उपस्थित हुए।

शुरुआती वीडियो में फोकस रिकॉर्ड और स्कोर पर नहीं, बल्कि उन सभी खिलाड़ियों के साहसिक प्रयासों पर था। जिन्होंने रोज कोविड-19 जांच करवाते हुए कड़े बायो-बबल में हिस्सा लिया। समारोह का मुख्य संदेश था कि खेल एक उज्जवल भविष्य के दरवाजे खोलेंगे। भारत सात पदक से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके निश्चित उज्जवल भविष्य की ओर देख सकता है, जिसमें भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने 13 साल बाद पहला स्वर्ण दिलाया जो खेलों में ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा का देश का पहला पदक भी है।