विजय अड़ीचवाल

आज रविवार, चैत्र कृष्ण दशमी तिथि है।
आज उत्तराषाढा नक्षत्र, “आनन्द” नाम संवत् 2078 है
-( उक्त जानकारी उज्जैन के पञ्चाङ्गों के अनुसार है)

-आज दशा माता पूजन है।
-कल सोमवार को पापमोचनी एकादशी व्रत (चारोली) है।
-एकादशी व्रत मलमास, गुरु, शुक्र तारा अस्त के दौरान प्रारम्भ नहीं करना चाहिए।
-एकादशी व्रत करने वाले व्रती दशमी, एकादशी और द्वादशी – इन 3 दिनों तक कांस्य पात्र, मसूर, चने, मिथ्या भाषण, शहद, तेल, मैथुन, अत्यम्बु पान – इनका सेवन न करें।
-एकादशी व्रत के पहले दिन दशमी को और एकादशी व्रत के दूसरे दिन द्वादशी को जौ, गेहूं, मूॅंग, सेंधा नमक, काली मिर्च, शर्करा और गो घृत आदि का एक बार भोजन करें।
-एकादशी का उपवास 80 वर्ष की आयु या उसके पूर्व शरीर असमर्थ हो तो उद्यापन कर व्रत करना बन्द किया जा सकता है।
-यदि किसी से दोनों पक्ष की एकादशी नहीं हो सके तो सन्तानवान गृहस्थ को शुक्ल पक्ष वाली एकादशी का व्रत करना चाहिए।
-मत्स्य पुराण के मतानुसार क्षय एकादशी निषिद्ध होती है।