इंदौर। देश में दस हजार कृषक समूह का गठन किया जा रहा है। इन समूहों में सबसे ज्यादा संख्या मध्यप्रदेश की है। सरकार के प्रयास है कि कृषि उत्पादों के साथ किसान अन्य खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उद्योग भी लगाए। इससे किसानों को अत्यधिक लाभ होगा, ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। साथ ही गांवों से पलायन भी रुकेगा। यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कही वे इंदौर जिले के ग्राम दतोदा में रावराजा छत्रकरण कोल्ड स्टोरेज के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

सौर उर्जा से संचालित इस कोल्ड स्टोर में 90 किलो वॉट का सोलर सिस्टम लगाया गया है। मंत्री पटेल ने उर्जा बचत के इस प्रयास को अभिनव बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता में इंदौर ने देश को नर्ई दिशा दी है अब उर्जा बचत में भी हम सिरमौर बनेंगे। देश और दुनिया के साथ चलने के लिए नवाचारों को अपनाना वक्त की आवश्यकता है। समारोह में भारतीय किसान संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष कमलसिंह आंजना, डायरेक्टर वदरराज मंडलोई सहित अनेक विशिष्टजन मौजूद थे।

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ग्रामों से निकलेंगा उर्जा बचत का संदेश

कृषि मंंत्री पटेल ने समारोह में कहा कि प्रदेश की हर मंडी में कोल्ड स्टोर, वेयर हाउस बनाए जाएंगे। कोशिश है कि स्टोर के अधिकांश भाग सौलर एनर्जी से संचालित हो। उर्जा बचत के लिए यह प्रयोग सबसे ज्यादा जरूरी है। किसानों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योग लगाने के लिए सरकार तत्काल ऋण भी उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का आलू 5 रुपए किलो क्यों बिके अपने ही खेत में वो चिप्स उद्योग लगा कर कई गुना ज्यादा लाभ कमा सकता है। पटेल ने कहा कि जिस दिन किसान आत्मनिर्भर बन जाएंगा उस दिन हमारा देश फिर से सौने की चिड़िया कहलाएंगा।

देढ़ लाख यूनिट तैयार होगी हर साल

इंदौर के जमीदार परिवार द्वारा स्थापित इस कोल्ड स्टोरेज में सोलर पैनल से हर साल देढ़ लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। साथ ही स्टोर में जापानी कंपनी द्वारा बनाया गया इन्वर्टर भी लगाया गया है। सोलर प्लांट से न केवल बिजली का बिल कम होगा बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम होगा। डायरेक्टर वरदराज मंडलोई ने कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग से हम अपना पैसा बचा सकते हैं, साथ ही दुनिया को ग्लोबल वार्मिंग से भी बचा सकते हैं।