माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएं : कमलनाथ

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भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कलेक्टरों से कहा है कि वे माफिया के विरूद्ध सख्त से सख्त कदम उठाएं, लेकिन माफिया पर कार्रवाई करने के नाम पर नगर निगमों, नगर पालिकाओं के कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कानून के अनुसार सामान्य प्रक्रिया में कार्रवाई होने दें। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले संगठित माफिया नहीं है, माफिया में पैसा वसूलने वाले, संगठित होकर अपराध करने वाले आते है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में स्थानांतरित हुए अधिकारियों, कर्मचारियों को तीन दिन के अंतर कार्यमुक्त कर दें भले ही उनकी जगह किसी अन्य की पदस्थापना नहीं हुई हो। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था पर निगरानी रखें।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में जन अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर और कलेक्टरों को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर औसत गुणवत्ता से कम के अनाज वितरण की शिकायतें मिली है। इस पर ध्यान दें और सुनिश्चित करें कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री का वितरण हो। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि उपार्जन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समय पर सभी तैयारियाँ पूरी हो जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर खेती होने या अन्य प्रकार से दुरूपयोग होने के प्रकरणों में सूची बनाकर एक महीने में उपलब्ध कराएं। खाद की ब्लैक मार्केटिंग किसी भी प्रकार से न हो पाए इस बात का ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी पात्र किसानों की सूची बनाए जो फसल कर्ज माफी के पात्र हैं, लेकिन समय पर कर्जा माफी फार्म नहीं भर पाये।

उन्होंने कहा कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान को जारी रखते हुए दवाइयों की शुद्धता के लिए भी इस अभियान को तेज करें। मुख्यमंत्री ने सहकारी गृह निर्माण समितियों में सदस्यों के साथ की गई धोखा-धड़ी के मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाली समितियों के खिलाफ सिर्फ एफआईआर दर्ज करने की औपचारिकता न हो बल्कि उन्हें सजा मिले। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वे गड़बड़ी करने वाली सभी हाउसिंग सोसायटियों के मामलों पर बैठक लें और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर सरकार ऐसी सोसायटी को सहकारिता अधिनियम के तहत अधिग्रहण करने की कार्रवाई कर प्रशासक नियुक्त करें। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश भोपाल के गिरीशचन्द्र दुबे को गौरव गृह निर्माण सहकारी समिति द्वारा आवंटित भूखण्ड क्रमांक 80 किसी और अन्य को बेंचे जाने प्रकरण के संबंध में दिए।

मुख्यमंत्री ने पट्टा मिलने के बाद भी कब्जा न करने के प्रकरणों में नाराजगी व्यक्त की। कमलनाथ ने कहा कि पूरे प्रदेश में एक अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन्हें पट्टा मिला है उनके पास उस भूमि का कब्जा भी हो। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शिवपुरी जिले ग्राम भैसरावन के ज्ञानी एवं देवास जिले के ग्राम पटाडियाताज के डल्लू द्वारा पट्टा मिलने के बाद भी कब्जा न मिलने की शिकायत के प्रकरणों में दिए। मुख्यमंत्री ने आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में शिकायतों का फॉलोअप नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्थल पर ही शिकायतों का निराकरण न होने से इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूरा नहीं होता। श्री नाथ ने कहा कि प्राप्त शिकायतों का मौके पर ही निराकरण और शिकायतकर्ता संतुष्ट हो, सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करंे।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का समाधान करने में इस महीने प्रथम पांच जिले उज्जैन, टीकमगढ़, रतलाम, सिंगरौली और मंडला रहे। खरगौन, शाजापुर, अनूपपुर, सतना और बुरहानपुर निचले पायदान पर रहे। विभागों में सबसे कम शिकायत वाले विभागों में नर्मदा घाटी विकास, जनसंपर्क, विधि विधायी कार्य, अनुसूचित जनजाति कल्याण और खनिज विभाग रहे। मुख्यमंत्री ने आम जनता की जायज समस्या और शिकायतों का तत्काल निराकरण सामान्य प्रक्रिया के तहत हो इस तरह की कार्य संस्कृति विकसित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में लोगों को शिकायत करने की जरूरत ही न पड़े। ऐसी व्यवस्था कलेक्टर अपने जिलों में बनाए। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीधी जिले के ग्राम टीकट खुर्द निवासी विनोद कुमार सिंह को डेयरी खोलने के लिए ऋण लेने के बाद छह साल तक सब्सिडी न मिलने पर इस पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हरदा जिले की सलमा बी की बेटी को ससुराल द्वारा मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज न करने पर थाना प्रभारी नेमावर के निरीक्षक उपेन्द्र झारी की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ब्यौवहारी जिला शहडोल निवासी पार्वती सोनी को प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना का लाभ न मिलने पर संबंधित संयुक्त संचालक स्वास्थ्य के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह बात हरदा के किसान श्री सरवन जाट के प्रकरण में दिए। मुख्यमंत्री ने नीमच जिले के ग्राम दोपल खेड़ा के किसान अनिल सिंह जाट की शिकायत पर खेतों के पास चल रहे क्रेसर को बंद करने के निर्देश दिए। किसान जाट ने बताया कि क्रेसर के कारण उसकी डष्ट और ब्लास्ट के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है।

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