इस वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण 25 अक्तूबर को लगेगा। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन ही घटित होती है। इस बार ग्रहण शाम 02 बजकर 29 मिनट से प्रारंभ होकर 06 बजकर 32 मिनट पर मोक्ष होगा। इसका सूतक काल 12 घंटे पहले से प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण काल में जप-भजन आदि का विशेष महत्व होता है।

ग्रहण के चलते खजरना मंदिर के पट सुबह से रहेंगे बंद

ग्रहण की वजह से खजराना मन्दिर आज 14 घंटे तक बन्द रहेगा। 25 अक्टूबर मंगलवार को ग्रहण का सूतक (वेदकाल) प्रातः 4:31 से प्रारंभ हो रहा है, सुर्य ग्रहण – दोपहर 4:31 से प्रारंभ होगा। ग्रहण का मोक्ष सांय 5:57 पर होगा। इस कारण श्री गणपति मन्दिर खजराना प्रात: काल (सुबह ) 4:31 बजे से सांय काल 6:30 बजे तक बंद रहेगा। इस अवधी में मन्दिर अन्नक्षेत्र एवं प्रसाद की दुकाने भी बंद रहेगी।

ज्योतिषाचार्य कौशल किशोर जी बताते हैं कि हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से बहुत विशेष महत्व होता है। इसे हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना जाता है।

ग्रहण काल में ईश्वर की आराधना करनी चाहिए। सूर्य और चंद्रमा के बीच जब पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाती है तो यह ज्यामितीय स्थिति में ग्रहण कहलाती है। सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन ही घटित होता है। ग्रहण मोक्ष के बाद पूजा-पाठ के साथ शुभ कार्य शुरू होते है। इस साल दीपावली के अगले दिन पड़ने वाला साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है। इस बार सूर्य ग्रहण की अवधि लगभग चार घंटे 31 मिनट की होगी। शास्त्रों के मुताबिक ग्रहण के दौरान भगवान का ध्यान करना चाहिए, भोजन आदि समेत तमाम वर्जित कार्यो को बचे।

दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा मनाई जाती है, लेकिन इस बार सूर्य ग्रहण की वजह से गोवर्धन पूजा 26 अक्तूबर को मनाई जाएगी। भाईदूज 27 अक्तूबर को मनाई जाएगा।