राहुल गांधी वायनाड में आज भरेंगे पर्चा, बहन प्रियंका के साथ करेंगे रोड शो | Rahul Gandhi to fill nomination in Wayanad today

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार यूपी की अपनी परंपरागत सीट अमेठी के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट से भी लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल वायनाड संसदीय सीट के लिए गुरुवार सुबह साढे ग्यारह बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद रहेंगी।

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इससे पहले वायनाड पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष गांधी का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक के मुताबिक राहुल गांधी के वायनाड संसदीय सीट से चुनाव लड़ने से कार्यकर्ता बेहद उत्साहित है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी वायनाड में एक रोड शो भी करने वाले थे, लेकिन चुनाव आयोग की ओर मंजूरी नहीं मिल पाई थी।

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कांग्रेस ने खोजी है अपने अध्यक्ष के लिए सुरक्षित सीट

कांग्रेस पार्टी ने अपने अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए सुरक्षित सीट खोज ली है। राहुल गांधी इस बार अमेठी के अलवा केरल वायनाड से भी अपनी किसमत आजमाएंगे। रविवार को पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी घोषणा कर दी है। राहुल गांधी फिलहाल अमेठी से सांसद है, वही जिस वायनाड सीट से राहुल गांधी लड़ने जा रहे है उसपर भी कांग्रेस का ही कब्जा है।

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गौरतलब है कि अमेठी कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है. इस सीट पर हुए 18 चुनावों में से 16 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। 1967 में अस्तित्व में आई अमेठी में पहली बार कांग्रेस के विद्याधर वाजपेयी सासंद बने। 1971 में भी वाजपेयी ने जीत दर्ज की। 1977 में कांग्रेस ने संजय सिंह को प्रत्याशी बनाया था लेकिन वह हार गए और लोकदल ने इस सीट परे जीत दर्ज की।

हालांकि 1980 के चुनाव में इस सीट से इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी मैदान में उतरे इस सीट को गांधी परिवार की सीट में तब्दील कर दिया। इसी साल विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। 1981 में हुए उपचुनाव में इंदिरा गाँधी बड़े बेटे राजीव गांधी यहां से सांसद बने। 1984 में इंदिरा गांधी की ह्त्या के बाद हुए चुनाव में राजीव गांधी ने फिर जीत हासिल की। ऐसे राजीव गांधी 1989 और 1991 में चुनाव जीते लेकिन 1991 के नतीजे आने से पहले उनकी हत्या हो गई।

राजीव गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस के कैप्टन सतीश शर्मा चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे। 1996 में शर्मा ने जीत हासिल की लेकिन 1998 में बीजेपी के संजय सिंह ने उन्हें हरा दिया। 1999 में राजनीति में आने के बाद सोनिया गांधी भी अमेठी से चुनाव मैदान में उतरीं और जीत दर्ज की। 2004 में राहुल गांधी यहां से लड़े और भाजपा की स्मृति ईरानी को हराकर लोकसभा पहुंचे।

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अमेठी के बाद हल आपको बताने जा रहे है केरल की उस वायनाड सीट के बारे में जहां से राहुल गांधी अपना भाग्य आजमाएंगे।

कांग्रेस पार्टी केरल की 20 लोकसभा सीटों में से 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है। अभी तक पार्टी ने केवल 14 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी लेकिन वायनाड एवं वडाकरा सीट पर नामों का ऐलान नहीं किया था। वायनाड सीट से युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष टी। सिद्दीकी का नाम प्रत्याशी के तौर पर सामने आ रहा था लेकिन उन्होंने इस रेस से खुदको अलग कर लिया।

2008 में बनी थी यह सीट

राहुल गांधी केरल की जिस वायनाड सीट से चुनाव मैदान में उतर रहे है वह 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। यह सीट कन्नूर, मलाप्पुरम और वायनाड संसदीय क्षेत्रों को मिलाकर बनी है। वायनाड केरल के बारह जिलों में से एक है जो कन्नूर और कोझिकोड जिलों के मध्य स्थित है।

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वायनाड पहले मायकक्षेत्र के नाम से जाना जाता था जिसका अर्थ है माया की भूमि।. मायकक्षेत्र पहले मायनाड बना और फिर इसे वायनाड के नाम से जाना जाने लगा। वायनाड अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण एक प्रसिद्द पर्यटन स्थल है। इस स्थान को भारत के नक़्शे में 1 नवंबर 1980 को स्थान मिला था।

2009 में मिली थी बड़ी जीत

2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के एमआई शानवास ने वायनाड सीट पर बड़ी जीत हासल की थी। शानवास ने एलडीएफ (सीपीआई) के ऐडवोकेट एम रहमतुल्लाह को 1,53,439 वोट के अंतर से हराया था। शानवास को इस चुनाव में 4,10,703 वोट मिले थे, जबकि रहमतुल्ला 2,57,264 वोट मिले थे।

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2014 में था कांटे का मुकाबला

वायनाड लोकसभा सीट में सात विधानसभा क्षेत्र आते है। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस जीती तो थी लेकिन जीत का अंतर बहुत कम था। कांग्रेस ने केवल 20,870 वोटो के अंतर से जीत हासिल की थी। कांग्रेस कैंडिडेट एमआई शानवास को 3,77,035 और एलडीएफ (सीपीएम) के सत्यन मोकेरी को 3,56,165 वोट मिले थे।

वोटो का गणित

वायनाड जिले में 2011 की जनगणना के अनुसार 8,17,420 की कुल आबादी है। इसमें 401,684 पुरुष और 415,736 महिलाएं शामिल हैं। वायनाड में हिंदू समुदाय की आबादी 404,460 यानी 49.48 फीसदी, मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या 2,34,185 यानी 28.65 फीसदी और ईसाई समुदाय की जनसंख्या 1,74,453 यानी 21.34 फीसदी है।

वही अनुसूचित जाति की बात करे तो जिले की कुल जनसंख्या में से 3.99 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति की है और 18.53 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग है। कुल आबादी के 96.14 फीसदी लोग शहर में रहते है वही 3.86 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में निवास करते हैं।

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दो सीटों से लड़ने की क्यों पड़ी जरुरत?

राहुल गाँधी के अमेठी के अलावा केरल से लड़ने पर ये सवाल उठ रहे है कि अमेठी कांग्रेस की परंपरागत सीट है। बावजूद इसके राहुल गांधी वाय्नाद्फ़ से क्यों लड़ रहे है? तो हम आपको बताते है कि 2014 के चुनाव में राहुल गांधी यह सीट बहुत ही कम अंतर से जीतें थे, गिनती के दौरान कई बार तो ऐसी स्थिति भी आ गई थी जब स्मृति ईरानी राहुल से आगे हो गई थी। इस चुनाव में राहुल गांधी को 408,651 वोट मिले थे. जबकि बीजेपी की उम्मीदवार स्मृति ईरानी को 300,74 वोट मिले थे.।वही यदि 2009 के चुनाव नतीजों पर नजर डाले तो उस समय राहुल करीब 3,50,000 से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीते थे।

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