चडीगढ़। पंजाब में स्थानीय निकायों के चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने टिकट आवंटन किया था, जिस पर अब कांग्रेस सवालों के घेरे में घिर चुका है। साथ ही नाभा में एक वार्ड में उम्मीदवार उतारने के कांग्रेस पार्टी के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। वही नाभा के कांग्रेसी नेता नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि उनका टिकट काट दिया गया है और दूसरे उम्मीदवार को दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मुझे टिकट नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। टिकट न मिलने पर वे फूट-फूट कर रो रहे थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 23 वार्डों में से लगभग 13 उम्मीदवार अकाली दल और भाजपा के कार्यकर्ता थे, जिन्हें टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने टिकट आवंटन में निष्ठावान नेताओं को दरकिनार कर दिया है। साथ ही कांग्रेस नरेश कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने 5 लाख रुपये में टिकट दिए थे और मैं पार्टी फंड देने के लिए भी तैयार था।

बता दे कि, जहां कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत कांग्रेस उम्मीदवार के कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वहीं कांग्रेस नेता नरेश कुमार फुट-फुट कर रो रहे थे। कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत बताया कि 23 वार्डों के टिकटों का वितरण एक सदस्य समिति द्वारा किया गया था और उनका इससे कोई लेना-देना नहीं था।

गौरतलब है कि, पंजाब में 14 फरवरी को स्थानीय निकाय के लिए मतदान होगा। प्रदेश की 109 नगर पालिकाओं और 8 नगर निगमों में चुनाव होने हैं। इन चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 30 जनवरी से ही शुरू हो गई थी जिसके बाद अब 3 फरवरी इसकी अंतिम तिथि होगी। नामांकन पत्रों की पड़ताल 4 फरवरी को की जाएगी। 5 फरवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। साथ ही उम्मीदवारों को चुनाव निशान आवंटित किए जाएंगे। वही चुनाव प्रचार 12 फरवरी सायं 5 बजे तक किया जा सकेगा। जिसके बाद 14 फरवरी को मतदान होगा, जबकि मतगणना 17 फरवरी को होगी।