Homeइंदौर न्यूज़Online Workshop: बाल संरक्षण एवं बच्चों के साथ होने वाली हिंसा व...

Online Workshop: बाल संरक्षण एवं बच्चों के साथ होने वाली हिंसा व अपराधों को रोकने के प्रयासों पर चर्चा

इंदौर स्टूडेट पुलिस कैडेट योजना के अंतर्गत जिला इन्दौर में चयनित शासकीय स्कूलों में बच्चों के सामाजिक उत्थान के साथ उनके सर्वागीण विकास हेतु पुलिस व शिक्षा विभाग द्वारा समन्वय स्थापित कर बच्चों के लिये विभिन्न प्रकार के कार्यकमों का आयोजन कर निरंतर रूप से उन्हें आंतरिक एवं बाह्य प्रशिक्षण दिया जाकर, स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

इसी परिपेक्ष्य में इन्दौर पुलिस द्वारा आज दिनांक 30.12.2021 को एसपीसी योजना के चयनित स्कूल के प्राचार्यों व पदाधिकारियों के साथ ‘‘बाल संरक्षण एवं बच्चों के प्रति होने वाली हिंसा व अपराधों की रोकथाम हेतु रणनिति बनाने एवं साझा समझ विकसित’’ करने के उद्देश्य से एक ऑनलाईन कार्यशाला आयोजन किया गया।

must read: ‘धनकुबेर’ पीयूष जैन पर छापेमारी के बाद उड़ी इस अफवाह का खंडन किया DGGI ने

उक्त कार्यशाला में स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना इन्दौर की नोडल अधिकारी व अति. पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) इन्दौर श्रीमती मनीषा पाठक सोनी की विषेष उपस्थिति में इन्दौर के चयनित शासकीय स्कूलों के प्राचार्य एवं पदाधिकारीगणों सहित ममता संस्था की सुश्री भारती जी, आर आई ग्रुप से सुश्री आरती मौर्य ने भाग लिया।

कार्यशाला की शुरूआत करते हुए अति.पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) द्वारा कार्यशाला के विषय व रूपरेखा के बारें में विस्तृत रूप से बताते हुए, बच्चों के हितो के लिये कार्यरत् विभिन्न्न संस्थाओं व विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारें में सभी को परिचयात्मक जानकारी देते हुए, बच्चों के हितों की रक्षा व इनके विरूद्ध होने वाली हिंसा व अपराधों की रोकथाम में हम किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है, इस बारें में विस्तृत रूप से बताया गया।

उक्त कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों द्वारा बाल संरक्ष्ण एवं बाल अपराध की रोकथाम तथा उनके निवारण हेतु कानूनी प्रावधान जे.जे. एक्ट, पोक्सो एक्ट आदि के बारें में विस्तृत रूप से जानकारी का आदान प्रदान किया गया। साथ ही बाल अपराध को रोकने एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास आदि के लिये किये जाने वाले प्रयासों, बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम के साथ ही बाल विवाह की रोकथाम हेतु उठाये जाने वाले आवश्यक कदमों पर भी चर्चा की गयी। चर्चा में सभी ने एक सुर में कहा कि, किसी भी देश व समाज का भविष्य ये बच्चे ही है और वर्तमान परिदृश्य में समाज में जो भी विकृतियां आ रही है उनसे इन बच्चों को बचाते हुए, इनके हितों की रक्षा एवं इनका संरक्षण हम सभी का सर्वप्रथम नैतिक कर्तव्य हैं, जिसमें समाज के सभी वर्गो के साथ ही पुलिस विभाग एवं शिक्षा विभाग अत्यंत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते है। सभी ने कहा कि हम सभी मिलकर इसके लिये पूर्ण रूप से प्रयासरत् रहेगें।

RELATED ARTICLES

Stay Connected

9,992FansLike
10,230FollowersFollow
70,000SubscribersSubscribe

Most Popular