अब स्वच्छता में सिक्सर लगाने को तैयार इंदौर, आने वाली है फाइनल रिपोर्ट

भारत सरकार के अफसरों ने विजेताओं का चयन करने के लिए देश के 4355 शहरों का सर्वे कर 23.38 लाख फोटो - वीडियो साक्ष्य जुटाए ओर 17.24 लाख डेटा पॉइट एकत्र किए है। अब इसकी फाइनल रिपोर्ट आने वाली है।

इंदौर, विपिन नीमा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का परिणाम इसी माह किसी भी दिन घोषित हो सकता है। लगातार 5 बार सफलता हासिल करने के बाद अब इंदौर स्वच्छता का सिक्सर लगाने की तैयारी में ह। देश के विभिन्न शहरों को स्वच्छता का पाठ पढ़ा चुका इंदौर इस बार भी 4355 शहरों को पीछे छोड़कर फस्ट पोजिशन पर दिखेगा। भारत सरकार के अफसरों ने विजेताओं का चयन करने के लिए देश के 4355 शहरों का सर्वे कर 23.38 लाख फोटो – वीडियो साक्ष्य जुटाए ओर 17.24 लाख डेटा पॉइट एकत्र किए है। अब इसकी फाइनल रिपोर्ट आने वाली है।

पहले ही सर्वेक्षण में खराब शुरूआत हुई थी इंदौर की

भारत सरकार के आवार एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छता सर्वेक्षण की शुरूआत जनवरी 2016 से की थी। सर्वे के लिए देश के 73 प्रमुख शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल किया गया था। स्वच्छता सर्वेक्षण के पहले साल मैसूर शहर ने बाजी मारकर पहला स्थान प्राप्त किया था। रैकिंग में हमारा इंदौर शहर 25 वें नम्बर था। इस खराब प्रदर्शन के पीछे हम सब जिम्मेदार थे। भले ही हम पिछड़ गए हो , लेकिन ये पराजय हमे बहुत कुछ सीखा गई।

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एक साल के भीतर ही बदल डाली इंदौर शहर की तस्वीर

2017 के स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंक सुधारने के लिए तात्कालीन निगम कमिश्नर मनीषसिंह और पूर्व महापौर मालिनी गौड ने इंदौर को सिरमौर बनाने का बीड़ा उठाया । मनीष सिंह ने पूरे शहर को विश्वास में लेकर काम शुरू किया और देखते ही देखते पूरे शहर की तस्वीर बदल डाली और 25 वीं रैंक को नीचे गिराकर शहर को देश में पहला स्थान पर पहुंचा दिया।यहीं से इंदौर की सफलता की यात्रा शुरू हुई और हर साल लगातार खिताबी जीत मिलती गई। आज इंदौर स्वच्छता का बादशाह बन गया है।

हर साल नई रणनीति के साथ नए इनोवेशन को अपनाया

संभवत: इंदौर देश का पहला ऐसा शहर है जिसने हर साल स्वच्छता की पूर्व नियोजित रणनीति और नए इनोवेशन को अपनाकर तुलनात्मक रूप से अपने से विकसित और संसाधन संपन्न शहरों को स्वच्छता के तमाम पैमानों में आगे बने रहते हुए लगातार मात दी है।

ऐसे हुआ स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का सर्वे

भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की स्वच्छता टीम के सदस्यों ने देश के अलग अलग शहरों में जाकर सर्वे किया। अफसरों के सर्वे दल ने सर्वेक्षण में विजेताओं का चयन करने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक निपटान, खुले में शौच मुक्त और कचरा मुक्त स्थिति, नागरिकों की प्रतिक्रिया आदि का आकलन किया है।

4355 शहरों के सर्वे की फाइनल डेटा रिपोर्ट

● कुल शहर 4,355
● कुल वार्ड 85,860
● 2.12 लाख स्थानों का दौरा किया गया
● 5.5 लाख दस्तावेजों का मूल्यांकन किया गया
● 1.14 करोड़ नागरिकों से उनके विचार प्राप्त किए गए
● 4.77 लाख नागरिक सत्यापन किए गए
● 23.38 लाख फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में एकत्र किए गए
● 17.24 लाख डेटा पॉइंट एकत्र किए गए।
● 2022 का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है
● अब परिणाम आने का इंतजार है