श्रद्धालुओं की सुविधा को मद्देनज़र रखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर में लाइव दर्शन की व्यवस्था शुरू कर दी गई है. आइए जानते हैं क्या है लाइव दर्शन करने की विधि।

हिंदू धर्म में ऐसे कई प्रसिद्ध मंदिर है, जहां लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. वैसे ही एक प्रसिद्ध मंदिर वाराणसी के काशी में स्थापित है. ये है काशी विश्वनाथ मंदिर. यहां पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु रोजाना पहुंचते हैं. बाबा भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए दर्शनार्थियों की लंबी कतारे लगी रहती हैं. वहीं, अब मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधा का आगाज़ किया है.

काशी विश्वनाथ मंदिर के लाइव दर्शन का प्रबंध क्र दिया गया है. इस https://www.youtube.com/shrikashivishwanath यूट्यूब चैनल के लिंक पर प्रेस करके आप काशी विश्वनाथ मंदिर में भोले बाबा के दर्शन घर बैठे ही कर सकते हैं. आपको बता दें कि वाराणसी शहर में उपस्थित ये मंदिर जग प्रसिद्ध और बेहद प्राचीन है. ये गंगानदी के पश्चिमी तट पर स्थित है.

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इसलिए विख्यात है ये मंदिर

काशी विश्वनाथ का मंदिर जग विख्यात है. यहां भगवान शिव के संग माता पार्वती की भी विशेष पूजा- अर्चना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि जब मां पावर्ती ने भगवान शिव से उन्हें अपने घर ले जाने के लिए कहा तो वे उन्हें अपने साथ काशी लेकर आए और यहां खुद को विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में खुद को स्थापित कर लिया.

काशी विश्वनाश का ऐप भी हुआ लॉन्च

आपको बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर ने लाइव दर्शन के लिए एक ऐप भी लॉन्च किया है. कहा जा रहा है कि इस ऐप को डाउनलोड करने से भक्तों को दर्शन और पूजन में सरलता हो जाएगी. इतना ही नहीं, इससे प्रशासन को भीड़ पर नियंत्रण करने में भी मदद मिलेगी.

काशी विश्वनाथ बाबा के दर्शन की अहमियत

कहते हैं कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ का मंदिर के संपर्क मात्र से ही राजसूय यज्ञ का फल प्राप्त होता है. कहते हैं कि एक बार मंदिर के दर्शन और गंगा में स्नान करने मात्र से ही व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

मान्यता है कि जब मुर्तियों का ऋंगार किया जाता है, तो सभी मुर्तियां पश्चिम मुखी होती हैं. कहते हैं कि यहां शिव और शक्ति दोनों संग में ही विराजते हैं. ये चमत्कार शिव काशी में ही देखने को मिलता है.

काशी विश्वनाथ मंदिर में ऊपर की ओर एक सोने का छत्र लगा है, ऐसी मान्यता है कि इस छत्र के दर्शन मात्र से ही लोगों की समस्त मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं.