मानव संसाधन पर फोकस किए बिना कोई भी कंपनी आगे नहीं बढ़ सकती: अश्विनी लोहानी

पहले जो बिक्री ढाई हजार रोज की होती थी, वह बढ़कर आज ढाई लाख रुपए रोज की बिक्री हो गई है।

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इंदौर: आईआईएम इंदौर के I-5 सम्मिट के उद्घाटन भाषण की शुरुआत करते हुए एयर इंडिया के चेयरमैन ने कहा कि हमें हमारे ह्यूमन रिसोर्सेज पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने इंदौर भोपाल हाईवे के डोडी ढाबे का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के कर्मचारियों को रहने के लिए आवास भी नहीं था एवं उस समय उनकी रोज की बिक्री ढाई हजार रुपए रोज की होती थी। पर्यटन विकास निगम के एमडी रहते हुए मैंने वहां के कर्मचारियों को आवास एवं अन्य सुविधाएं दी। सुविधाएं मिलने से एवं मार्केटिंग स्ट्रेटजी बनाने से धीरे-धीरे ढाबे की बिक्री में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होती गई। पहले जो बिक्री ढाई हजार रोज की होती थी, वह बढ़कर आज ढाई लाख रुपए रोज की बिक्री हो गई है।

लोहानी ने आगे कहा कि पर्यटन निगम के एमडी रहते हुए हमने मध्य प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कदम उठाए। हमने मध्यप्रदेश को हिंदुस्तान का दिल बताया एवं मध्यप्रदेश पर्यटन की ऐसी ब्रांडिंग करें,कि हमारे विज्ञापन पूरे देश में देखे जाते हैं। रेलवे में रहते हुए लोहानी ने महू कालाकुंड ऐतिहासिक रेलवे ट्रेन के रूप में शुरू कराया। यह मध्य भारत का सबसे पुराना रेलवे लाइन थी। इसके बाद जर्मनी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां विजिट के दौरान हमने लोकोमोटिव फैक्ट्री विजिट की थी। हमने पाया कि हमारी लोकोमोटिव फैक्ट्री ने अपने जीवन काल में कुल 2000 लोको तैयार किए हैं जबकि जर्मनी के लोको फैक्ट्री 1 दिन में 100 तैयार करती है।

इसका मतलब है कि हमारे लोगों की कार्यक्षमता जर्मनी की तुलना में 40 से 50 गुना पीछे हैं। लोहानी ने कहा की मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का 2008 में कुल घाटा50 करोड़ का था। हमारे ऑफिस की हालत खराब थी, हमने सबसे पहले हमारे ऑफिस का इंटीरियर सुधारा एवं हमारे सभी विभागों में वित्तीय अनुशासन एवं कारपोरेट की स्टाइल में सुधारात्मक पहल की जिसके सकारात्मक परिणाम आए और हमारा नुकसान घटता गया और आज मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम एक प्रॉफिटेबल संस्था बन गई है।.

इसके बाद लोहानी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार की समस्या इसके लिए हमने देश की फर्स्ट भ्रष्टाचार कॉन्फ्रेंस 2007 में भोपाल में आयोजित की। हमें भ्रष्टाचार को भी समझना होगा क्योंकि यह अब निजी क्षेत्र में भी घुस गया है। किसी भी संस्था में सुधार के लिए हमें उसके कल्चर को भी समझना होगा। कोई भी संस्था 1 दिन में नहीं बदल सकती। किसी भी संस्था के कल्चर को समझे बिना उसको बदलना मुश्किल है। लोहानी ने आगे कहा कि एयर इंडिया के एमडी रहते हुए हमने दुनिया की सबसे लंबी फ्लाइट दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को की फ्लाइट लांच की। इस फ्लाइट की तैयारी 4 सालों से चल रही थी हमारी टीम तकनीकी एवं व्यावसायिक पहलुओं का अध्ययन करते हुए आगे बढ़ रही थी लेकिन फ्लाइट लांच करने की हिम्मत नहीं कर पा रही थी हमने कारपोरेट गट्स का उपयोग करते हुए एयर इंडिया की सैन फ्रांसिस्को फ्लाइट लांच की जो कि सफल रही।

अंत में लोहानी ने 9/11 का उदाहरण देते हुए बताया कि इसकी वजह से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर डाउन हो गया था। इस घटना के बाद हमने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और कहा कि हमने इसको डाउनफॉल नहीं माना उन्होंने कहा कि किसी भी बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए एटीट्यूड का बहुत योगदान होता है। पहले किसी जमाने में 90 परसेंट नॉलेज 9 % स्किल और 1 प्रतिशत एटीट्यूड होता था लेकिन आज स्थिति उलट गई है। अब हमें 90 प्रतिशत एटीट्यूड एवं 9 परसेंट स्किल रखना होगा ध्यान देना होगा और एक परसेंट नॉलेज के दम पर भी हम बदलाव ला सकते हैं और कंपनियों को आगे बढ़ा सकते हैं।

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