भोपाल। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देशानुसार भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से देश भर में बस्ती संपर्क अभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान मोर्चा कार्यकर्ता दलित बस्तियों में जा रहे हैं और लोगों को भाजपा की सरकारों द्वारा दलितों के हित में किए गए काम तथा कांग्रेस समेत अन्य विरोधी दलों की कारगुजारियों की जानकारी दे रहे हैं, जो दलितों के लिए नारे तो लगाते रहे, लेकिन उनके लिए काम कुछ नहीं किया। यह बात भारतीय जनता पार्टी अनूसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने मीडिया को बस्ती संपर्क अभियान की विस्तृत जानकारी भी दी।

देश की 75 हजार, प्रदेश की 30 हजार बस्तियों में करेंगे संपर्क

बस्ती संपर्क अभियान की जानकारी देते हुए आर्य कहा कि यह अभियान संविधान दिवस, 26 नवंबर तक चलेगा। 70 दिनों के इस अभियान में मोर्चा के कार्यकर्ता देश की 75000 और मध्यप्रदेश की 30 हजार दलित बस्तियों में संपर्क कर रहे हैं। इसके लिए देश के 30 प्रांतों के 871 जिलों में पांच लोगों की संपर्क टीम बनाई जा चुकी है और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। आर्य ने बताया कि मोर्चा की टीम दलित बस्तियों में संपर्क के अलावा देश के 7500 छात्रावासों में भी संपर्क कर रही है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति के बुद्धिजीवियों के सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे।

आर्य ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार ने देश में दलितों के हित में योजनाएं लागू कर काम शुरू किया था और यह सिलसिला मोदी सरकार के कार्यकाल में भी जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने दलितों के लिए विशेष तौर पर बनाई गई योजनाएं तो लागू की ही हैं, केंद्र सरकार की अन्य गरीब हितैषी योजनाओं गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना आदि के लाभार्थियों में भी 35 प्रतिशत से अधिक संख्या दलित वर्ग के लोगों की है। श्री आर्य ने बताया कि दलित बस्तियों में जाने वाली मोर्चा की टीम भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारों की दलित हितैषी योजनाओं के फोल्डर लेकर जाती है। इसके साथ ही यह टीम लोगों को बताती है कि कांग्रेस और अन्य दलों ने किस प्रकार बाबा साहेब अम्बेडकर का अपमान किया, किस तरह दलितों के हित का ढिंढोरा पीटते रहे, लेकिन किया कुछ नहीं।

दलितों में बढ़ा भाजपा के प्रति विश्वास

आर्य ने कहा कि प. बंगाल एवं पांच राज्यों के चुनाव के दौरान जो सर्वे हुए थे, वो बताते हैं कि देश भर में दलितों का विश्वास भारतीय जनता पार्टी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रति बढ़ा है। उत्तरप्रदेश में एक बड़ा बदलाव यह आया है कि वहां भाजपा को दलित समाजों के 48 प्रतिशत वोट मिले। इसी तरह प.बंगाल में दलितों का 60 प्रतिशत वोट भाजपा को मिला। इसी से आतंकित होकर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने 3000 दलित बस्तियों में आगजनी, बलात्कार और हत्याएं की। श्री आर्य ने कहा कि बस्ती संपर्क अभियान के दौरान अभी तक जहां-जहां मोर्चा की टीम गई है, वहां का आउटपुट बहुत उत्साहवर्धक रहा है। दलित समाजों के लोग प्रधानमंत्री मोदी जी, मुख्यमंत्री योगी जी और शिवराज जी को उनकी योजनाओं तथा कामों के लिए आशीर्वाद दे रहे हैं।

कांग्रेस शासित राज्यों में हो रहा दलितों का सर्वाधिक उत्पीड़न

एक प्रश्न का उत्तर देते हुए आर्य ने कहा कि कुछ लोग आंकड़ों की बाजीगरी से दलितों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। वास्तविकता यह है कि दलित समाज के लोगों की सर्वाधिक हत्याएं राजस्थान में हो रही हैं। समाज की महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा सामूहिक दुष्कर्म राजस्थान में हो रहे हैं, जहां कांग्रेस की सरकार है।

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झारखंड की सरकार ने दलितों के हित वाली सारी योजनाएं बंद कर दी हैं, तो छत्तीसगढ़ सरकार दलितों के लिए जाति प्रमाणपत्र जारी करने में रोड़े अटका रही है। इन राज्यों में किस पार्टी की सरकारें हैं? आर्य ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में अगर दलितों के प्रति कोई अपराध होता भी है, तो सरकार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करती है।