पहाड़ों से आई सीधी बर्फीली हवा के कारण मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने अपना रुख बदल रहा है। लगभग सभी क्षेत्रों में तापमान न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से आसपास पहुंच चुका है। सुबह और शाम के समय ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। वहीं ठंड बढ़ने से अस्पतालों में सर्दी जुकान के मरीज बढ़े हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। 30 और 31 दिसंबर को तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन नए साल की शुरुआत में फिर कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।

मध्यप्रदेश में मौसम का हाल

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के सभी संभाग के जिलों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहा। न्यूनतम तापमान सागर संभाग के जिलों में विशेष रूप से गिरा। भोपाल एवं ग्वालियर संभाग के जिलों में तापमान काफी गिरा। शेष संभाग के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में काफी ठंड पड़ रही है। क्रिसमस के बाद से ही इतनी ठंड पड़ रही है। बीती रात भोपाल के तापमान में 2.4 डिग्री की गिरावट हुई, जबकि दिन का पारा 2.6 डिग्री लुढ़क गया और तापमान 23 डिग्री पर पहुंच गया और रात का तापमान 11.5 डिग्री दर्ज किया गया।

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क्यों हो रहा मौसम में बदलाव?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, तापमान में चल रहा उतार-चढ़ाव महाराष्ट्र से लेकर रीवा तक बने एक ट्रफ के कारण हवाओं के अलग-अलग रुख के कारण हो रहा है। जानकारों के मुताबिक, पाकिस्तान के आसपास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है। पूर्वी मध्य प्रदेश में हवा का रुख दक्षिण-पूर्वी बना हुआ है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। इस वजह से शनिवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान में एक से लेकर पांच डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में एक से लेकर पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई।

जनवरी से बढ़ेगा ठंड का प्रकोप

मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि एक जनवरी से तापमान में फिर से गिरावट आएगी और ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। नए साल के पहले या दूसरे दिन कोहरा भी छाने के आसार हैं। बर्फीली हवाओं के कारण रविवार-सोमवार की दरमियानी रात पूरे मध्य प्रदेश में ग्वालियर सबसे ज्यादा ठंडा रहा। प्रदेश में सबसे कम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस भी यहीं दर्ज किया गया। अगले दो दिन तक पारे में गिरावट की संभावना नहीं है। शीतलहर के कारण लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। केवल ग्वालियर शहर ही नहीं, बल्कि बर्फीली हवा की दस्तक के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से लोग जूझ रहे हैं।