अखबार बांटने वाले डॉ कलाम ऐसे बने ‘मिसाइल मैन’, बेहतर कल के लिए याद रखें उनकी ये बातें

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो को संभाला थ।

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APJ Abdul Kalam

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन के नाम से जाने -जाने वाले एपीजे अब्दुल कलाम की आज जयंती है। स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को धनुषकोडी गाँव रामेश्वरम में हुआ था। इनका पूरा नाम अबुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम है। कलाम जी भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। उन्हें साल 2002 में भारत का राष्ट्रपति बनाया गया था। वहीं, पांच वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद वे वापस शिक्षा, लेखन और सार्वजनिक सेवा में लौट आए थे।

अब्दुल कलाम ने अपनी पढ़ाई सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से की थी। आर्थिक रूप से कमजोर इनके पिता मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे।अब्दुल कलाम संयुक्त परिवार में रहते थे और इनका परिवार बहुत बड़ा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से कलाम ने अपनी आरंभिक शिक्षा जारी रखने के लिए अख़बार बांटने का काम भी किया था।

पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो को संभाला थ। इसके साथ ही 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद से दूसरी बार 1998 में भारत के पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनैतिक भूमिका निभाने वाले कलाम ही थे।अपने जीवन में कई उपलब्धियां प्राप्त करने वाले अब्दुल कलाम का 27 जुलाई 2015 में मेघालय के शिलांग में 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे आईआईएम शिलॉन्ग में लेक्चर देने गए थे, इसी दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। पढ़िए उनके प्रेरणादायक विचार…

आइए हम अपने आज का बलिदान करें ताकि हमारे बच्चों का कल बेहतर हो सके।

  • हमें हार नहीं माननी चाहिए और समस्या को हमें पराजित करने की अनुमति नहीं देना चाहिए।
  • आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बीमारी को मारने के लिए सबसे बढ़िया या दवाई है।
  • जीवन में फेल होते हैं तो कभी हार न मानें क्योंकि फेल (FAIL) मतलब फर्स्ट अटैम्प्ट इन लर्निंग होता है।
  • अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो पहले आपको सूरज की तरह तपना होगा।
  • इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।
  • सपने वो नहीं हैं जो आप नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको नींद ही नहीं आने दें।
  • भगवान उसी की मदद करता है जो कड़ी मेहनत करते हैं, यह सिद्धान्त स्पष्ट होना चाहिए।
  • आप देख सकते हैं, ईश्वर केवल उन लोगों की मदद करता है जो कड़ी मेहनत करते हैं. यह सिद्धांत बहुत स्पष्ट है।

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