गणित के टीचर ने बेटियों के ”नाम” करवा दिया गाँव

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जींद। हरियाणा का बीबीपुर गांव लड़कियों के नाम से मशहूर है। इसका सेहरा गणित के टीचर और सरपंच रहे सुनील जागलान के सिर बंधा है। नौ हजार घरों के बाहर बेटियों के नाम की प्लेट लगी है। राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी ने इनाम भी दिया था। गांव का लिंग अनुपात सबसे बुरा था। वहां लड़की के जन्म को बुरी खबर माना जाता था। जब सुनील के घर बेटी जन्मी, तो नर्स ने उन्हें दु:खी आवाज से बताया, लेकिन सुनील चहक उठे और मिठाई बंटवा दी। नर्स को पैसे दिए, तो बोली कि लड़का होता तो ले लेती। लड़की के नाम पर लिए तो स्टाफ वाले गुस्सा करेंगे। सुनील ने ठान लिया कि इलाके की तस्वीर बदलना है। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को समझाया। सरपंच थे, तो पंचायत भी बैठाई। महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया। धीरे-धीरे तस्वीर बदलने लगी और नेम प्लेट पर बेटी का नाम आ गया।

महिलाओं के लिए योजनाएं
पहले इस गांव में साठ लड़कों के मुकाबले 25 लड़कियां पैदा होती थीं। एक साल में यह आंकड़ा 4६ और 40 पर आ गया। पंचायत ने महिलाओं के लिए योजना भी शुरू की। 2015 में उन्होंने सेल्फी विद डॉटर भी शुरू किया। इस पहल ने उन्हें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के जिक्र में ला दिया, फिर मुस्लिम लड़कियों के लिए हाईटेक अंडर बुर्का अभियान चलाया। इसमें मुस्लिम लड़कियों को कंप्यूटर सिखाया जाता था। सुनील ने दो गांवों के ब”ाों की पढ़ाई का जिम्मा भी लिया। इसमें राष्ट्रपति की तरफ से उन्हें पैसा दिया गया। सुनील ने यह मॉडल सौ गांवों में शुरू करने की पहल की है। जींद के गांवों में उन्होंने लड़कियों के लिए लाइब्रेरी भी शुरू करवाई है। महिलाओं की मजबूती के लिए ही काम करते रहते हैं। ब”ाों को गणित पढ़ाते हैं। इसी से खर्चा चलता है।

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