इंदौर : मध्यप्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक, व्यावसायिक, आधारभूत संरचनाओं और निवेश फ्रेंडली नीति के चलते विश्व के कई देशों का द्विपक्षीय व्यापार के लिये रूझान बढ़ा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023(Global Investors Summit) में मध्यप्रदेश के निवेशकों के लिये अन्तर्राष्ट्रीय बिजनेस अपॉर्चुनिटी से रूबरू कराने के लिये अन्तर्राष्ट्रीय बिजनेस अवसर विषय पर सत्र का आयोजन हुआ। सत्र में थाईलैंड, फ्रांस, मॉरिशस एवं कनाडा के काउंसनर्स ने भाग लिया।

सत्र में “मध्यप्रदेश के साथ देशों की भागीदारी को आगे बढ़ाना – क्षमता से डिलीवरी के लिए मार्गदर्शन करना” थीम पर पेनलिस्ट द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। कनाडा की वित्त मंत्री सुश्री जैनिफर डॉबिनी ने कहा कि कनाडा मेक इन इंडिया का पार्टनर है। कनाडा क्लाइमेट चेंज एवं टेक्नालॉजी में भारत के साथ मिलकर कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।

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कनाडा में सौ से ज्यादा भारतीय कंपनियाँ कार्य कर रही हैं। कनाडा नवकरणीय ऊर्जा, रियल एस्टेट, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, एग्री फूड, फूड प्रोसेसिंग एवं एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी में भारत के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। कनाडा का भारत में 6.7 बिलियन केनेडियन डॉलर का निवेश है। इन्क्यूवेशन के क्षेत्र में कनाडा का 9 बिलियन केनेडियन डॉलर के निवेश प्रस्ताव विचाराधीन है।

कनाडा के प्रायवेट निवेशकों का भारत में 100 बिलियन केनेडियन डॉलर का निवेश पूर्व में ही किया जा चुका है। मुम्बई में फ्रांस के काउंसल जनरल जीनमार्क सेरे सेरलेट ने कहा कि फ्रांस का भारत के साथ वर्षों पुराना संबंध है। भारत के साथ सालों से आईटी सेक्टर में कार्य कर रहा है। भारत का बहुत बड़ा मार्केट है। द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाकर मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ाया जायेगा।

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काउंसल जनरल ऑफ थाईलैंड डोनाविट पुलसावत ने कहा कि प्रति वर्ष भारत से एक मिलियन पर्यटक थाईलैंड आते हैं। टूरिज्म के क्षेत्र में दोनों देश के निवेशकों के लिये काफी संभावनाएं हैं। इंदौर से बैंकॉक के लिये हवाई सेवा प्रारंभ करने पर विचार किया जा रहा है। भारत से ही बुद्धिष्ट थाईलैंड गये थे। थाईलैंड में बुद्धिष्ट कम्यूनिटी ज्यादा है। थाईलैंड के नागरिकों की विचारधारा भारतीय से मिलती है। आपसी समझौतों के तहत व्यापार करना आसान हुआ। थाईलैंड आसियान ग्रुप की तरफ से भी निवेश की दिशा में विशेष प्रयास करेगा। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिये भी मध्यप्रदेश में कार्य करेगा।

मॉरिशस के काउंसलर सिवराज नंदलाल ने अपना उद्बोधन हिन्दी से शुरू किया और भारत के प्रति अपना जुड़ाव बताते हुए कहा कि मैं हिन्दी के साथ भोजपुरी भी बोलता हूँ। मॉरिशस के भारत से अटूट संबंध हैं। भारत का मॉरिशस में बहुत बड़ा निवेश है। भारतीय फूड प्रोसेसिंग, एग्रीकल्चर मशीनरी, फार्मा, बायोडिग्रेडेबल प्रोडक्ट उत्पाद, नवकरणीय ऊर्जा एवं आधारभूत संरचना विकास में संभावनाएं हैं। मॉरिशस का 80 प्रतिशत आयात भारत से होता है।

सत्र के अन्त में पेनलिस्ट ने सहभागी निवेशकों सवालों के जवाब दिये। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जबलपुर की प्रोफेसर डॉ. गार्गी चक्रवर्ती ने आईपी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के संबंध में तथा अन्य निवेशकों ने विदेशों में निवेश के लिये मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में प्रश्न किये, जिसका पेनलिस्ट ने जवाब दिया। सभी पेनलिस्ट ने जीआईएस-2023 में शामिल होने पर खुशी जाहिर करते हुए यहाँ के आतिथ्य एवं व्यंजनों की प्रशंसा की।