Mandav Tourism : विंध्याचल की पहाड़ियों से घिरा ‘खुशियों का शहर’, दूर-दूर से आते हैं पर्यटक

मांडू मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र का एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल में से एक है। यह धार जिले के माण्डव क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन शहर है।

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मध्यप्रदेश : मांडू मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र का एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल में से एक है। यह धार जिले के माण्डव क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन शहर है। बता दें कि यह धार से 35 किमी दूर है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि, इसका पुराना नाम मांडवगढ़ है। यह विंध्याचल की पहाड़ियों की ऊंचाई पर स्थित है। अपने स्वर्ण काल में इस जगह को खुशियों का शहर कहा जाता था।

राजा बाज बहादुर और रानी रुपमति के प्रणय के लिए प्रसिद्ध मांडू नगरी चारों तरफ से विंध्याचल पर्वतमाला से घिरी हुई है। 1000 की तादात में यहाँ दूर दूर से लोग यहाँ की वादियों का लुफ्त उठाने आते है। मांडू पहाड़ों और चट्टानों का क्षेत्र है। यहां सदियों पुरानी ऐतिहासिक इमारतें, हमें उस जमाने की गाथा सुनाती हैं। लोग यहां के दर्शनीय स्थलों जैसे जहाज महल, हिन्डोला महल, शाही हमाम और वास्तुकला के उत्कृष्टतम उदाहरण आकर्षक नक्काशीदार गुम्बद को देखने आते है।

ये इंदौर से 100 किमी की दुरी पर स्थित है। साथ ही मांडू को लेकर युवा वर्ग में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में मांडू आता है. खासतौर पर वीकेंड पर मांडू में युवाओं की अच्छी खासी भीड़ रहती है। चलिए जानते है मांडू के खास पर्यटक के बारे में –

  • किलो का शहर-
    मांडू को दुनिया का सबसे बड़ा किलों का शहर भी कहा जाता है। यहां राजा और रानी का महल इस तरह बना है कि राजा और रानी अपने-अपने महल की प्राचीर पर खड़े होकर एक-दूसरे को देख सकते थे। मांडू शहर चारों तरफ से किले की मजबूत चारदिवारी से घिरा है और बीच में एक से बढ़कर एक नायाब वास्तुकला के नमूने देखने को मिलेंगे।
  • रूपमती महल-
    रानी रूपमती बादशाह बाज बहादुर की पत्नी थीं। रानी मां नर्मदा के दर्शन के बाद ही अन्न और जल ग्रहण करती थीं। कहते हैं कि रानी की इस भक्ति का सम्मान करते हुए बाज बहादुर ने रूपमति महल को इस तरह निर्मित कराया, जहां से रानी जब चाहे तब मां नर्मदा के दर्शन कर सकें।
  • जहाज महल-
    जहाजनुमा आकार में इस महल को दो मानवनिर्मित तालाबों के बीच बनाया गया था।
  • हिंडोला महल-
    टेड़ी दीवारों के कारण इस महल को हिंडोला महल कहा जाता है।
  • होशंग शाह का मकबरा (जामा मस्जिद)-
    होशंग शाह गौरी (1406-1435) मांडू का प्रथम इस्लामिक सुल्तान था। उसके पिता का नाम दिलावर खान गोरी था, जिसको फिरोजशाह तुगलक ने मांडू का राज्यपाल नियुक्त किया था। मकबरे का निर्माण कार्य होशंग शाह गोरी ने शुरू किया था, जो महमूद खिलजी ने 1440 ई में पूर्ण किया।

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